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द्वापर युग में भले ही 24 घंटे में श्रीकृ्ष्ण कारागार से हुए थे मुक्त, कलयुग में 24 साल से कारागार में हैं कैद…आइए जानते हैं कहां !

द्वापर युग में भले ही 24 घंटे में श्रीकृ्ष्ण कारागार से हुए थे मुक्त, कलयुग में 24 साल से कारागार में हैं कैद…आइए जानते हैं कहां !

शिवली कानपुर देहात। कंस की कारागार से भगवान कृष्ण को भले ही जल्दी छुटकारा मिल गया हो लेकिन शिवली कोतवाली के माल खाने में रखी भगवान कृष्ण बलदाऊ एवं राधा रानी की मूर्तियां तारीख पर तारीख और कानूनी दांव पेंच के चलते पिछले 24 वर्षों से कैद हैं। शिवली कोतवाली में पिछले 24 वर्षों से कैद अपने परिवार समेत माखन चोर को मंदिर के सर्वांकर के द्वारा जन्माष्टमी के दिन वस्त्र बदलवाकर विधि विधान से पूजन कर भगवान की आरती की जाती है।
बताते चलें कि नगर पंचायत शिवली के साकेत नगर मोहल्ले में स्थित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में 12 मार्च वर्ष 2002 को महाशिवरात्रि की रात चोरों ने धावा बोलकर मंदिर के ताले को तोड़कर अष्टधातु से निर्मित बेश कीमती राधा कृष्ण तथा बलराम की तीन बड़ी एवं राधा तथा कृष्ण की दो छोटी मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। सुबह मंदिर के टूटे ताले एवं मूर्तियां गायब देख मंदिर के सर्वांकर आलोक दत्त चतुर्वेदी की तहरीर पर शिवली पुलिस द्वारा अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी। घटना के नवें दिन शिवली पुलिस ने शिवली कस्बे के ही देव नगर मोहल्ला निवासी शशिकांत उर्फ दीपू शुक्ला विनय प्रकाश दीक्षित उर्फ बबलू तथा पास के ही गांव सुख्खा नेवादा थाना चौबेपुर कानपुर नगर निवासी देवशरण शुक्ला को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर एक तालाब से राधा कृष्ण एवं बलराम की तीन बड़ी मूर्तियां बरामद की गई थीं जबकि कृष्ण जी की एक छोटी मूर्ति को घूरे से बरामद किया गया था। चोरी की घटना में शामिल एक अन्य आरोपी देवनगर शिवली निवासी अवधेश कुमार उर्फ मुन्नू शुक्ला फरार हो गए थे। जो बाद में अदालत में हाजिर हुए थे। शिवली पुलिस द्वारा 21 जून को अवधेश कुमार उर्फ मुन्नू शुक्ला को रिमांड पर लाने के बाद उनकी निशान देही पर इस तालाब से राधा जी की छोटी मूर्ति को बरामद करने के बाद अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था। अभियुक्तों को जमानत पर अदालत से रिहा कर दिया गया था लेकिन अदालती दांवपेंच के चलते भगवान को अभी तक रिहाई नहीं मिल सकी है। लेकिन आरोपी विनय उर्फ बबलू व देवशरण गैरहाजिर हो गए जिसकी वजह से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। वादी मुकदमा ने हाईकोर्ट में मामले के शीघ्र सुनवाई किये जाने के सम्बंध में याचिका दायर की गई थी जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जल्द मामले का निस्तारण करने के आदेश सीजेएम कोर्ट को दिए थे। उक्त मुकदमा सीजेएम की अदालत में विचाराधीन है। पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर्व के दिन शिवली कोतवाली के माल खाने में रखी राधा कृष्ण एवं बलदाऊ की मूर्तियों को बाहर निकाल कर साफ सफाई की गई तथा मंदिर के सर्वांकर आलोक दत्त चतुर्वेदी द्वारा भगवान के वस्त्रों को बदलवाकर भोग लगाकर विधि विधान से पूजन अर्चन कर आरती की गई। भगवान की आरती करते समय मंदिर के सर्वराकार फफक कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि उनको न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है जल्द ही मामले का निस्तारण होगा और भगवान को थाने के माल खाने से छुटकारा मिलेगा।
फोटो- कोतवाली में मौजूद भगवान की मूर्तियां।

रामप्रकाश श्रीवास्तव, संवाददाता

कानपुर देहात। कंस की कारागार से भगवान कृष्ण को भले ही जल्दी छुटकारा मिल गया हो लेकिन शिवली कोतवाली के माल खाने में रखी भगवान कृष्ण बलदाऊ एवं राधा रानी की मूर्तियां तारीख पर तारीख और कानूनी दांव पेंच के चलते पिछले 24 वर्षों से कैद हैं। शिवली कोतवाली में पिछले 24 वर्षों से कैद अपने परिवार समेत माखन चोर को मंदिर के सर्वांकर के द्वारा जन्माष्टमी के दिन वस्त्र बदलवाकर विधि विधान से पूजन कर भगवान की आरती की जाती है।


बताते चलें कि नगर पंचायत शिवली के साकेत नगर मोहल्ले में स्थित अति प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में 12 मार्च वर्ष 2002 को महाशिवरात्रि की रात चोरों ने धावा बोलकर मंदिर के ताले को तोड़कर अष्टधातु से निर्मित बेश कीमती राधा कृष्ण तथा बलराम की तीन बड़ी एवं राधा तथा कृष्ण की दो छोटी मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। सुबह मंदिर के टूटे ताले एवं मूर्तियां गायब देख मंदिर के सर्वांकर आलोक दत्त चतुर्वेदी की तहरीर पर शिवली पुलिस द्वारा अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी। घटना के नवें दिन शिवली पुलिस ने शिवली कस्बे के ही देव नगर मोहल्ला निवासी शशिकांत उर्फ दीपू शुक्ला विनय प्रकाश दीक्षित उर्फ बबलू तथा पास के ही गांव सुख्खा नेवादा थाना चौबेपुर कानपुर नगर निवासी देवशरण शुक्ला को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर एक तालाब से राधा कृष्ण एवं बलराम की तीन बड़ी मूर्तियां बरामद की गई थीं जबकि कृष्ण जी की एक छोटी मूर्ति को घूरे से बरामद किया गया था। चोरी की घटना में शामिल एक अन्य आरोपी देवनगर शिवली निवासी अवधेश कुमार उर्फ मुन्नू शुक्ला फरार हो गए थे। जो बाद में अदालत में हाजिर हुए थे। शिवली पुलिस द्वारा 21 जून को अवधेश कुमार उर्फ मुन्नू शुक्ला को रिमांड पर लाने के बाद उनकी निशान देही पर इस तालाब से राधा जी की छोटी मूर्ति को बरामद करने के बाद अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था। अभियुक्तों को जमानत पर अदालत से रिहा कर दिया गया था लेकिन अदालती दांवपेंच के चलते भगवान को अभी तक रिहाई नहीं मिल सकी है। लेकिन आरोपी विनय उर्फ बबलू व देवशरण गैरहाजिर हो गए जिसकी वजह से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। वादी मुकदमा ने हाईकोर्ट में मामले के शीघ्र सुनवाई किये जाने के सम्बंध में याचिका दायर की गई थी जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जल्द मामले का निस्तारण करने के आदेश सीजेएम कोर्ट को दिए थे। उक्त मुकदमा सीजेएम की अदालत में विचाराधीन है। पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर्व के दिन शिवली कोतवाली के माल खाने में रखी राधा कृष्ण एवं बलदाऊ की मूर्तियों को बाहर निकाल कर साफ सफाई की गई तथा मंदिर के सर्वांकर आलोक दत्त चतुर्वेदी द्वारा भगवान के वस्त्रों को बदलवाकर भोग लगाकर विधि विधान से पूजन अर्चन कर आरती की गई। भगवान की आरती करते समय मंदिर के सर्वराकार फफक कर रो पड़े। उन्होंने बताया कि उनको न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है जल्द ही मामले का निस्तारण होगा और भगवान को थाने के माल खाने से छुटकारा मिलेगा।