डिजिटल डेस्क , लखनऊ। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी पांच प्रमुख मोर्चों के जरिए हर बूथ पर माइक्रोमैनेजमेंट को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके तहत युवा, किसान, ओबीसी, महिला और एससी-एसटी मोर्चा बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
रणनीति के तहत प्रत्येक मोर्चा हर बूथ पर 10-10 वालंटियर नियुक्त करेगा। इस तरह पांचों मोर्चों को मिलाकर एक बूथ पर करीब 50 वालंटियर तैनात किए जाने की योजना है। खास बात यह होगी कि जिस बूथ पर जिस जाति या सामाजिक समूह की संख्या अधिक होगी, वहां उसी समुदाय से जुड़े वालंटियरों को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा।
महिला मोर्चा की भी होगी अहम भूमिका
भाजपा की रणनीति में महिला मोर्चा को भी बूथ स्तर पर विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी। महिला मोर्चा प्रत्येक बूथ पर 10-10 कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करेगा। इन टीमों के जरिए महिलाओं से संपर्क और पार्टी की नीतियों व योजनाओं को लेकर संवाद बढ़ाने की तैयारी है।
विशेष समिति करेगी निगरानी
पूरे अभियान की निगरानी के लिए विशेष समिति बनाई जाएगी। इसके बाद अलग-अलग मोर्चों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदेश और केंद्रीय संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। सम्मेलन के जरिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और जिम्मेदारियों के बारे में दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
1.77 लाख बूथों पर माइक्रोमैनेजमेंट
भाजपा का यह अभियान प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों, 1918 मंडलों और करीब 1.77 लाख बूथों तक पहुंचाने की तैयारी है। पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर पर सामाजिक समीकरण के हिसाब से टीम तैयार कर मतदाताओं से सीधा संवाद बढ़ाना और संगठन की पकड़ को मजबूत करना है।

