गौतमबुद्ध नगर : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में उभरती प्रौद्योगिकियों को एआइ और क्लाउड कंप्यूटिंग का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए जीबीयू और भारतकेयर्स ने अमेरिका स्थित साफ्टवेयर कंपनी यूकेजी के इनोवेशन लांचपैड प्रोग्राम के तहत अत्याधुनिक सेंटर फार एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया है।
पहल का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों में नवाचार, उन्नत अनुसंधान और उच्चस्तरीय कौशल विकास को बढ़ावा देना है।जीबीयू में केंद्र बनने से विद्यार्थियों के लिए उन्नत शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण सुविधा मिल सकेगी। यहां एआइ, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थी व्यावहारिक शिक्षा, समस्या-आधारित सिमुलेशन और प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण के जरिए तकनीकी दक्षता विकसित कर सकेंगे।
कार्यक्रम सीएसआर के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अल्पकालिक प्रशिक्षण देने के बजाय दीर्घकालिक तकनीकी क्षमता विकसित करना है। कौशल प्रयोगशालाओं को हाई-परफार्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम, जीपीयू-सक्षम वर्कस्टेशन, लाइसेंस प्राप्त साफ्टवेयर प्लेटफार्म और विशेष एआइ टूल्स से लैस किया जाएगा।
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कार्यक्रम को संचालित करने के लिए भारतकेयर्स उत्कृष्टता केंद्र सहयोगी के तौर पर काम करेगा। इसमें केंद्र के स्थापना किए जाने से लेकर संचालन और प्रबंधन की देखरेख भी करेगा। भारतकेयर्स विद्यार्थियों के नामांकन, स्क्रीनिंग, मूल्यांकन और प्रमाणन की प्रक्रिया भी संचालित करेगा। इसके अलावा फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और हैकाथान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को उद्योग एवं तकनीकी विशेषज्ञों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
एमओयू पर जीबीयू के कुलसचिव प्रो. चंदर कुमार सिंह और भारतकेयर्स के उपाध्यक्ष आदेश साह ने हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाना है। इसके अलावा शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित किया जा सके। इससे आगे आने वाले विद्यार्थियों के लिए सभी तरह के द्वार खुले रहेंगे। इस मौके पर शैक्षणिक डीन प्रो. राजीव वार्ष्णेय और योजना एवं अनुसंधान डीन प्रो. एस धनलक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।

