रवि शर्मा,
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2026 में अब तक इन्फ्लुएंजा के कुल 2602 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें इन्फ्लुएंजा-ए के 2392 और इन्फ्लुएंजा-बी के 210 मामले शामिल हैं। इन्फ्लुएंजा-ए के मामलों में एच1एन1 के 1777 संक्रमित मरीज सामने आए हैं, जो इस साल सबसे प्रमुख वायरस उपप्रकार बनकर उभरा है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आज दिल्ली सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में नगर निकायों के स्वास्थ्य अधिकारियों और सरकारी अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संक्रमण की वर्तमान स्थिति और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
बैठक के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध बेड, दवाओं का स्टॉक, जांच सुविधाएं, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और गंभीर मरीजों के उपचार की तैयारियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही संक्रमण की निगरानी, समय पर पहचान और रिपोर्टिंग प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा होगी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन्फ्लुएंजा-ए के 2392 मामलों में 1777 एच1एन1, 138 एच3, 37 एच1 और 440 अन्य उपप्रकार के मामले शामिल हैं। 20 अगस्त को एक ही दिन में इन्फ्लुएंजा के 159 नए मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 155 इन्फ्लुएंजा-ए के और 114 एच1एन1 के मरीज थे।
दिल्ली सरकार ने संक्रमण पर नजर रखने के लिए 35 अस्पतालों को विशेष निगरानी सूची में रखा है। वहीं, एम्स और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को रेफरल लैब के रूप में नामित किया गया है। इन्फ्लुएंजा, आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) और एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) के मामलों की रोजाना निगरानी आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
इससे पहले 21 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति तथा अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की थी। उस बैठक में निगरानी, जांच, प्रयोगशाला सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाएं और जरूरी चिकित्सा उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।

