रवि शर्मा , देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 22 वर्षीय अभिषेक निषाद का पार्थिव शरीर करीब 35 दिन बाद सोमवार को उनके गांव पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हुए मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले अभिषेक की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे।
अभिषेक निषाद एक मालवाहक जहाज पर नाविक के रूप में कार्यरत थे। बीते 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास उनके जहाज पर मिसाइल हमला हुआ था। हमले में अभिषेक समेत कई लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद भारतीय दूतावास, शिपिंग कंपनी और स्थानीय प्रशासन की मदद से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें कई सप्ताह का समय लग गया। परिजनों के मुताबिक, अभिषेक अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए विदेश में नौकरी कर रहे थे। हादसे से कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने घरवालों से बात की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी। मौत की खबर मिलने के बाद से ही परिवार सदमे में था और पार्थिव शरीर के इंतजार में दिन गिन रहा था। सोमवार सुबह जब अभिषेक का शव गांव पहुंचा तो मां, पिता और अन्य परिजन बेसुध हो गए। गांव के लोगों ने नम आंखों से अपने युवा साथी को अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

