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रायबरेली में मनुस्मृति विवाद पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के बयान पर सीएम योगी का पलटवार

रायबरेली में मनुस्मृति विवाद पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के बयान पर सीएम योगी का पलटवार

रवि शर्मा , लखनऊ: रायबरेली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। राहुल गांधी द्वारा महिलाओं के अधिकारों और समानता को लेकर की गई टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी लगातार हमलावर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके बयान को लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय परंपराओं के प्रति अनादर बताया है।

दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा था कि महिलाओं को किसी की संपत्ति मानने वाली सोच स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता, पति या पुत्र के अधीन मानने की अवधारणा आधुनिक भारत और संविधान की भावना के खिलाफ है। देश को संविधान, समानता और महिलाओं के सम्मान के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए, न कि उन विचारों पर जो महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करते हैं। इस बयान के बाद भाजपा ने इसे हिंदू परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं पर हमला बताया।

रायबरेली में प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस के “युवराज” की राजनीति लगातार विभाजनकारी और तुष्टीकरण की रही है। इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणियां उनकी नकारात्मक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अनादर को दर्शाती हैं। ऐसे बयान देश की जनता के जनादेश, लोकतांत्रिक संस्कारों और राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस बार-बार ऐसे मुद्दे उठाकर समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करने का प्रयास करती है, जबकि देश विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के बयान से करोड़ों लोगों की आस्था आहत हुई है, वहीं कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी ने केवल महिलाओं के अधिकारों और संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों की बात की है।

राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में उठा यह विवाद अब राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं और आने वाले दिनों में यह विवाद प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।