डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी भी अब सेटेलाइट के भौगोलिक डाटा पर अध्ययन कर अपनी बौद्धिक क्षमता पर काम सकेंगे। जीबीयू में अंतरिक्ष का ग्राउंड स्टेशन सोमवार को स्थापित किया जाएगा। अंतरिक्ष के ग्राउंड स्टेशन के स्थापित किए जाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय जीबीयू बन जाएगा। केंद्र की स्थापना स्पेस किड्ज इंडिया की ओर से की जा रही है। स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डा. श्रीमथी केसन् ने बताया कि जीबीयू में आयोजित मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम के तहत ही अंतरिक्ष के ग्राउंड स्टेशन को स्थापित किए जाने का फैसला लिया गया है। इसकी मदद से अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रहों से भेजे जाने वाले विभिन्न प्रकार के डेटा को पृथ्वी पर प्राप्त किया जा सकेगा। इसमें उपग्रहों की ओर से भेजी गई तस्वीरें, मौसम संबंधी जानकारी, वैज्ञानिक आंकड़े और सेंसर से प्राप्त डेटा शामिल हो सकते हैं। ग्राउंड स्टेशन अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच एक महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन ब्रिज की तरह काम करता है। उपग्रह की बैटरी, तापमान और ऊर्जा स्तर जैसी स्थिति की निगरानी तथा उसकी कक्षा और स्थिति को ट्रैक करने में भी ग्राउंड स्टेशन की भूमिका होती है।
विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान सीखने का अवसर :ग्राउंड स्टेशन की स्थापना से जीबीयू में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और सैटेलाइट तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी उपग्रहों से प्राप्त डेटा का अध्ययन कर अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीकों और उनके उपयोग को समझ सकेंगे। इससे उनकी वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक क्षमता के विकास में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को सैटेलाइट कम्युनिकेशन, डेटा रिसीविंग, ट्रैकिंग और अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े विषयों को प्रयोगात्मक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। इससे विश्वविद्यालय में अंतरिक्ष शिक्षा और शोध को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
—

जीबीयू में स्पेस किड्ज इंडिया की ओर से अंतरिक्ष के ग्राउंड स्टेशन की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को सीधे तौर पर अंतरिक्ष में एकत्र होने वाले डाटा और उसपर अध्ययन प्रयोगात्मक तरीके से कर सकेंगे और अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर बनाने का मौके मिलेगा।
– प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय

