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सत्य निकेतन हादसा : ABVP का प्रदर्शन, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी हिरासत में

सत्य निकेतन हादसा : ABVP का प्रदर्शन, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी हिरासत में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में छात्र आवास की इमारत गिरने से हुई मौतों के बाद छात्रों की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ABVP के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।

रविवार को सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत, जिसमें छात्रों के लिए PG/हॉस्टल संचालित था, अचानक ढह गई। हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत की पुष्टि सामने आई है और कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। हादसे के बाद NDRF, दमकल विभाग, पुलिस और अन्य राहत दलों ने बचाव अभियान चलाया।

MCD कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

हादसे को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने MCD के सिविक सेंटर स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने छात्र इलाकों में संचालित PG और किराये के भवनों की सुरक्षा एवं स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान MCD कार्यालय में तोड़फोड़ की भी खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

डॉ. सोलंकी ने उठाए जवाबदेही पर सवाल

ABVP के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने सत्य निकेतन हादसे को बेहद गंभीर और दुखद बताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार PG संचालकों के साथ-साथ उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिन्होंने ऐसे भवनों के संचालन की अनुमति दी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। संगठन ने दिल्ली के सभी छात्र बहुल इलाकों में PG और किराये के भवनों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।

हिरासत पर ABVP ने उठाया सवाल

ABVP की ओर से कहा गया कि जब छात्र और उनके परिवार हादसे में अपनों को खोने के बाद न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, तब उनकी आवाज उठाने वाले संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी को हिरासत में लिया जाना सवाल खड़े करता है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति के संदर्भ में सामने आई है।

सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्र आवासों और PG की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्रों की सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाएगा।