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ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने के मामले में तीन गिरफ्तार

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने के मामले में तीन गिरफ्तार
  • पुलिस का दावा, मास्टरमाइंड विदेशी हैंडलर के संपर्क में था
  • विदेश से फंडिंग मिलने और एसएफजे की गतिविधियां संचालित करने का आरोप
  • दिल्ली में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी जांच एजेंसियां

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में दीवारों पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के समर्थन और सम्मेलन के विरोध में कथित तौर पर नारे लिखने के मामले में आउटर नार्थ जिला पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों में मामले का कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। जांच में उसके विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में होने की बात सामने आई है।

पुलिस का दावा है कि मास्टरमाइंड को विदेश से फंडिंग मिल रही थी और वह भारत में एसएफजे से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा था। ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही दिल्ली में विशेष सतर्कता बरत रही थीं। इसी दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में दीवारों पर सम्मेलन विरोधी और आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की सूचना सामने आई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। जांच के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नारे लिखने की इस गतिविधि के पीछे कितने लोग शामिल थे और आरोपितों को निर्देश कौन दे रहा था।

विदेशी हैंडलर और फंडिंग की जांच

जांच का एक प्रमुख पहलू विदेश में बैठे हैंडलर से आरोपितों के संपर्क और कथित फंडिंग से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विदेश से रकम किस माध्यम से भारत पहुंचाई गई और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया। इसके अलावा आरोपितों के मोबाइल फोन, डिजिटल संपर्क और लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों से पूछताछ के जरिए दिल्ली में एसएफजे से जुड़े संभावित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दीवारों पर नारे लिखने के लिए आरोपितों को निर्देश किस स्तर से मिले थे।

आगे और गिरफ्तारी की संभावना

मामला स्पेशल सेल के थाना क्षेत्र में दर्ज एफआइआर संख्या 206/26 से जुड़ा बताया गया है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस अब आरोपितों के संपर्क में रहे लोगों, कथित विदेशी हैंडलर और फंडिंग के स्रोत की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही दिल्ली में इस तरह की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।