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मायावती का परिवारवाद पर बड़ा फैसला,आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में नहीं मिलेगा पद,भतीजी की एंट्री

मायावती का परिवारवाद पर बड़ा फैसला,आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में नहीं मिलेगा पद,भतीजी की एंट्री

डिजिटल डेस्क , लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने किसी भी भतीजे को अहम जिम्मेदारी देने के सारे रास्ते बंद कर दिए है। उनकी बेटी कुमारी दीपका आंनद पर विचार कर सकते हैं जो लॉ की पढ़ाई कर रही है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों में भी सर्वसमाज के कर्मठ योग्य और युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने मायावती ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मजबूरी में अपने छोटे भाई आनंद कुमार को अपनी सुरक्षा और देखभाल के लिए साथ रखा है। उन्होंने घोषणा की है कि आनंद कुमार के दोनों बेटों या भविष्य में उनके बच्चों को बसपा में कोई राजनीतिक पद या नहीं दिया जाएगा।आगे उनके बच्चों को भी पार्टी की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।

देविका आनंद को सीमित अवसर का विकल्प
भविष्य में यदि आनंद कुमार को मदद की आवश्यकता पड़ती है, तो वह केवल अपनी बेटी कुमारी देविका आनंद जो वकालत की पढ़ाई कर रही हैं,सहायता के लिए ला सकते हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर ही पार्टी जिम्मेदारी तय होगी। यदि वह तैयार नहीं होती हैं, तो जिम्मेदारी परिवार के बजाय केवल दलित वर्ग के किसी निष्ठावान मिशनरी कार्यकर्ता को सौंपी जाएगी।

एक परिवार-एक लाभ की नीति
संगठन या सरकार में किसी भी एक व्यक्ति को ही अवसर मिलेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य सदस्यों को कोई राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा।

युवाओं और Gen-Z की भागीदारी

आगामी विधानसभा चुनाव यूपी, उत्तराखंड, पंजाब में बसपा Gen-Z लगभग 50% हिस्सेदारी और Gen-Alpha की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर सर्वसमाज के कर्मठ युवाओं और महिलाओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी।

निष्कासित नेताओं की वापसी का खंडन

पार्टी से अनुशासनहीनता के आरोप में निकाले गए नेताओं को वापस लेने की खबरों को पूरी तरह से ‘फेक न्यूज’ और अफवाह करार दिया गया है। ऐसे लोगों को दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को विरोधी दलों और मीडिया के ‘पेड/प्रायोजित प्रोपेगैंडा’ से सतर्क रहने और अम्बेडकरवादी विचारधारा के प्रति समर्पित रहने का निर्देश दिया गया है। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी संगठन और आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति और नीति को रेखांकित करते हुए बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और मान्यवर श्री कांशीराम जी के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। परिवारवाद के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन भर अपने रिश्तेदारों को राजनीतिक पदों से दूर रखा है। आनंद कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते सुरक्षा और देखभाल के लिए ही उन्हें साथ रखना पड़ा, लेकिन पार्टी में अब उनके बेटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने विरोधी दलों और सोशल मीडिया पर बसपा से निकाले गए नेताओं की वापसी की खबरों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कार्यकर्ताओं को किसी भी बहकावे में न आने की सलाह दी है।