डिजिटल डेस्क , नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर जवाब मांगा है। अदालत ने ये कहा कि न्यूज रिपोर्ट के आधार पर फैसला नहीं दे सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर फैसला कानून के अनुरूप नहीं हुआ तो रद्द करेंगे। याचिका में चुनाव आयोग के उन फैसलों को चुनौती दी गई है। जिन्हें याचिकाकर्ता ने एकतरफा तरीके से लिए गए फैसले बताए है।
दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस याचिका का आधार जो न्यूज रिपोर्ट है । वह 100% सही, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। हम उसके आधार पर कोई आदेश नहीं दे सकते हैं। कोर्ट ने संकेत दिया कि अगर चुनाव आयोग का जवाब देखने के बाद उसे लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कुछ फैसले बिना जरूरी आम सहमति के लिए थे तो वह उन फैसलों पर दोबारा विचार कर सकता है या उन्हें वापस ले सकता है। कोर्ट ने चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 10 दिन में कुछ ऐसा नहीं हो जाएगा जिसे बाद में ठीक न किया जा सके।
बता दे कि याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि SIR से जुड़े कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए है। आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना एकतरफा फैसला लिया हैं। याचिकाकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
