डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : शिक्षा राष्ट्रीय प्रगति की नींव है, और यह जरूरी है कि छात्र और फैकल्टी दोनों ही इनोवेशन, रिसर्च और अनुशासन को अपनाएं। भारत के युवाओं में अपार क्षमता है, और सही आदतों, सकारात्मकता और जीवनशैली के चुनाव से वे न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सफलता हासिल कर सकते हैं। इस अवसर का लाभ उठाएं, खुद को चुनौती दें और समाज में सार्थक योगदान दें, क्योंकि भारत का भविष्य आपके हाथों में है। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिद पालना कोई गलत नहीं है। बस वह जिद सही काम के लिए होनी चाहिए। यह बातें भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को नालेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यलाय के 17वें ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं।
चिराग पासवान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पर हमारे देश को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है। युवा ही देश की ड्राइविंग सीट पर बैठे हैं, आपके ऊपर जिम्मेदारी है तो आपकी जिद और जुनून ही दूसरे विकसित देशों की श्रेणी में ले जा सकती है। जब तक आप जिद्दी नहीं बनोगे तब तक आप अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते हैं, इसलिए जिंदगी में किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिद्दी बनना आवश्यक है। हर कदम पर डिमोटिवेट किया जाता है, लेकिन आपको अपने दिमाग में लक्ष्य को रखने की जरूरत है, डिमोटिवेट करने वाले लोगों को कभी भी सीरियस नहीं लेना है। मेरे ऊपर जो एक बड़ी जिम्मेदारी है, उसे हम एहसास करने के साथ पूरा करने की कोशिश करते हैं। इस दौरान हमें समय का भी पता नहीं चलता है। दो मिनट के लिए सोचिए आज के पांच साल या 10 साल बाद आप अपने आपको कहां देखना चाहता हैं, इसी के बाद अपनी जिंदगी में कुछ बेहतर कर सकोगे। हालांकि इस दौरान सही निर्णय लेना बहुत आवश्यक है। इससे आने वाले समय में कुछ सोचने की जरूरत न पड़े। जब काम करते हुए समय ही पता न चले तो समझ लेना कि आपने अपने करयिर में सही निर्णय लिया है।
आइआइटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान उतना ही आवश्यक है जितना कि सैद्धांतिक शिक्षा। छात्रों को नैतिक मूल्यों, कर्तव्यों और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और साथ ही जिज्ञासा और इनोवेशन को अपनाना चाहिए। सच्ची शिक्षा न केवल किताबों से मिलती है बल्कि जीवन के हर अनुभव से मिलती है, और यही समग्र दृष्टिकोण कल के नेताओं को आकार देता है। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। इनमें म्यूजिक, डांस, ड्रामा, फैशन और लिटरेरी आर्ट्स शामिल थे। बालीवुड अभिनेत्री कृतिका अवस्थी, विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता, वाइस चांसलर प्रो. सिबाराम खारा, डीन अकाडमिक डा. आरसी सिंह, एडमिशन डायरेक्टर डा. राजीव गुप्ता, छात्र कल्याण विभाग के डीन डा. प्रमोद कुमार, डा. भुवनेश कुमार, डायरेक्टर पीआर डा. अजित कुमार आदि मौजूद रहे।

