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जीबीयू में 1200 महिलाओं ने दी राष्ट्र वंदन की आहुति, नारी शक्ति ने लिया विकसित भारत का संकल्प

जीबीयू में 1200 महिलाओं ने दी राष्ट्र वंदन की आहुति, नारी शक्ति ने लिया विकसित भारत का संकल्प

– प्रेरणा विमर्श-2026 में जेन-जी को सही मार्गदर्शन देने पर सृजन संवाद में होगा मंथन

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर: गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) परिसर शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्र वंदन के स्वरों से गूंज उठा। प्रेरणा विमर्श-2026 के शुभारंभ अवसर पर 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ का आयोजन किया गया। 108 हवन कुंडों पर करीब 1200 महिलाओं ने वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना के साथ आहुति अर्पित की। इस दौरान महिलाओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ विषय पर आयोजित प्रेरणा विमर्श-2026 में नारी सम्मान, युवा शक्ति, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। आयोजन के अगले चरण में रविवार को ‘सृजन संवाद’ का आयोजन होगा। इसमें जेन-जी यानी युवा पीढ़ी को सही दिशा और मार्गदर्शन देने के साथ उनके सामने मौजूद चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की जाएगी।

विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर

प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की सचिव मोनिका चौहान ने बताया कि प्रत्येक वर्ष प्रेरणा विमर्श के शुभारंभ अवसर पर नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य मातृशक्ति को एक मंच पर जोड़ना और उन्हें विकसित भारत-2047 के निर्माण में नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें समाज के अन्य लोगों को प्रेरित करने के लिए भी तैयार करना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। भारतीय संस्कृति में यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह सामूहिक संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण की परंपरा का भी प्रतीक है। इसी भावना के साथ नारी शक्ति को सामाजिक चेतना, संस्कार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जेन-जी के मार्गदर्शन पर होगा मंथन

मोनिका चौहान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में ऊर्जा और उत्साह बहुत है। कई बार युवा अलग-अलग विचारों और प्रभावों के कारण भ्रमित भी हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन मिले। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाया जाए, ताकि आने वाले समय में वे देश का नेतृत्व करने और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

इसी उद्देश्य से रविवार को होने वाले सृजन संवाद में जेन-जी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें देशभर से डॉक्टर, प्रोफेसर, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, पत्रकार और प्रबुद्धजन शामिल होंगे। संवाद के माध्यम से युवाओं की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के रास्ते तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

2023 में शुरू हुई थी यज्ञ की परंपरा

मोनिका चौहान ने बताया कि जीबीयू परिसर में यज्ञ की परंपरा की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। पहले आयोजन में करीब 600 मातृशक्तियों ने भाग लिया था। इसके बाद प्रत्येक वर्ष आयोजन का विस्तार किया गया। प्रेरणा विमर्श के चौथे संस्करण में यह संख्या बढ़कर करीब 1200 मातृशक्तियों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस संख्या को लगातार बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ा जा सके।

भगवान बुद्ध और डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पार्चन

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की अध्यक्षा प्रीति दादू ने की। नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ से पहले विश्वविद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रेरणा विमर्श-2026 के संरक्षक एवं जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने परिसर में स्थित भगवान बुद्ध, भारत रत्न डा. भीमराव आंबेडकर सहित बौद्ध भिक्षुओं की प्रतिमाओं पर पुष्पार्चन और माल्यार्पण किया।

इसके बाद प्रेरणा विमर्श-2026 की प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्र सेविका समिति की मुख्य कार्यवाहिका सीता अन्नदानमगायित्री ने किया। प्रदर्शनी में आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों और गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया।

परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्य कार्यवाहिका सीता अन्नदानमगायित्री ने कहा कि परिवार से लेकर समाज तक महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। संस्कारवान और जागरूक नारी परिवार के साथ-साथ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अरुणा सिंह भी मौजूद रहीं। आयोजन के दौरान नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखे गए। आयोजकों के अनुसार, प्रेरणा विमर्श का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, महिलाओं और युवाओं को एक मंच पर लाकर सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाना है।