जिम्स की कैंटीन में पसरा अंधेरा, मोबाइल की टॉर्च बनी सहारा, डॉक्टरों-छात्रों और तीमारदारों की सुविधा पर सवाल

रवि शर्मा, उत्तरप्रदेश : ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) परिसर की कैंटीन में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है। सोमवार देपहर अचानक लाइट कट जाने से कैंटीन परिसर में अंधेरा पसर गया। अस्पताल में आने वाले मरीजों के तीमारदारों के साथ-साथ मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों के लिए उपयोगी इस कैंटीन में कई हिस्सों में अंधेरा नजर आया। स्थिति ऐसी रही कि कुछ लोगों को रोशनी के लिए मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लेना पड़ा।
लाइट कब से बंद है, वजह क्या?
कैंटीन में लाइट की समस्या कब से बनी हुई है और इसके पीछे तकनीकी खराबी है या कोई अन्य कारण, इसकी फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल प्रशासन को इस समस्या की जानकारी कब मिली और इसे दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन, डॉक्टर और मेडिकल छात्र कैंटीन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कैंटीन जैसी सार्वजनिक सुविधा वाली जगह पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होना अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है।
सवाल यह भी है कि यदि कैंटीन में बिजली या लाइट से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द ठीक करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? वहीं, यदि समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो अस्पताल प्रशासन की ओर से इसका संज्ञान लेकर समाधान क्यों नहीं किया गया?
फिलहाल कैंटीन में रोशनी की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर कैंटीन में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कब तक बहाल करता है और लाइट बंद रहने के पीछे वास्तविक कारण क्या है।