- अनाथ बच्चियों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी उठाएगी आजमगढ़ पुलिस
डिजिटल डेस्क, आजमगढ़: अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में हुए गोलीकांड के बाद आजमगढ़ पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए आरोपी अरविंद सिंह की दोनों अनाथ बेटियों की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है। पुलिस अब दोनों बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई, पालन-पोषण और भविष्य से जुड़ी जरूरतों में मदद करेगी।
आजमगढ़ के एसएसपी ने दोनों बच्चियों की मदद के लिए अपने एक माह का वेतन देने की घोषणा की है। इसके साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों ने भी अपने एक-एक दिन का वेतन बच्चियों के लिए देने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों की शिक्षा और परवरिश में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
अहरौला के शम्भूपुर गांव में पूजा-पाठ के दौरान हुए विवाद के बाद गोलीकांड की घटना सामने आई थी। घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी। मामले में अरविंद सिंह का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया है। घटना के बाद से मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
इसी बीच लालगंज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि गोलीकांड की घटना में पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी अरविंद सिंह के बेटे की मौत से जुड़े मामले को संसद में उठाया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एक ओर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी की दोनों अनाथ बेटियों की जिम्मेदारी उठाने के पुलिस के फैसले को मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बच्चियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें लगातार सहयोग दिया जाएगा।
