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रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं हुए आजम खां, विशेष ईडी कोर्ट में दाखिल किया रिमांड आवेदन

रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं हुए आजम खां, विशेष ईडी कोर्ट में दाखिल किया रिमांड आवेदन
  • जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई
  • पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग, अब विशेष अदालत के फैसले पर टिकी नजरें
  • रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने किया था गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, गाजियाबाद : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद रविवार को उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया। ईडी ने उनकी कस्टडी रिमांड के लिए सीधे विशेष ईडी कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है। अब इस मामले में विशेष अदालत में सुनवाई होगी। ईडी की ओर से आजम खां से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई है।

दरअसल, आजम खां मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग के मामले में जांच के दायरे में हैं। ईडी ने इस मामले में वर्ष 2019 में दर्ज ईसीआइआर के आधार पर जांच शुरू की थी। एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण, ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों और धन के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

जेल से रिहाई के तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी

आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा किया गया था। हालांकि, जेल से बाहर आते ही ईडी की टीम ने आजम खां को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में की गई। इसके बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई। अब एजेंसी ने पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की है।

426 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क

जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में ईडी पहले भी बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। 28 अक्टूबर को एजेंसी ने विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों से संबंधित करीब 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की थी। जांच में ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। ईडी की पूछताछ में इन लेनदेन, निर्माण कार्यों पर खर्च हुई रकम और धन के स्रोतों से जुड़े सवाल अहम हो सकते हैं।

फिलहाल रिमांड आवेदन विशेष ईडी कोर्ट में दाखिल होने के बाद अब अदालत की सुनवाई और आदेश का इंतजार है। अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि ईडी को आजम खां से पूछताछ के लिए कितने समय की कस्टडी मिलती है।