- रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने किया था गिरफ्तार, जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में कोर्ट में पेशी
- ईडी पूछताछ के लिए मांग सकती है कस्टडी रिमांड
डिजिटल डेस्क, गाजियाबाद : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां रविवार को गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट पहुंचे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लेकर पहुंची। इस दौरान मीडिया ने उनसे सवाल किया कि कुछ बोलेंगे? इस पर आजम खां ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या है बोलने के लिए।” उनके इस जवाब के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद मीडियाकर्मियों के बीच चर्चा तेज हो गई।
दरअसल, आजम खां शनिवार शाम करीब 11 महीने 14 दिन बाद रामपुर जिला जेल से रिहा हुए थे। उन्हें दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हालांकि, जेल से बाहर आते ही पहले से मौजूद ईडी की टीम ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एजेंसी उन्हें अपने साथ ले गई।
494 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की जांच
ईडी जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग के मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान करीब 494 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी इस मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और आजम खां के करीबियों से भी पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने 13 अक्टूबर को रामपुर जेल में भी आजम खां से पूछताछ की थी।
ईडी मांग सकती है रिमांड
गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी की ओर से आजम खां की कस्टडी रिमांड मांगे जाने की संभावना है। एजेंसी उनसे जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ करना चाहती है। अदालत के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
वहीं, आजम खां को जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तार किए जाने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए विरोध किया है।
