- जीबीयू में देश के पांचवें ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ
- मंत्री बोले- युवाओं को बहकावे में आने के बजाय उद्यमिता और नवाचार पर देना चाहिए ध्यान
- 2017 में प्रदेश में थे 120 स्टार्टअप, अब संख्या बढ़कर 20 हजार हुई
डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि देश के औद्योगिक विकास को बाधित करने वाले आंदोलनों और संगठनों ने भारत को पीछे धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उस दौर में जब भारत में औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आंदोलन हो रहे थे, चीन तेजी से उद्योग स्थापित कर रहा था। अब देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है तो ऐसे तत्व एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। युवाओं को इनके बहकावे में आने के बजाय उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। वह सोमवार को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में देश के पांचवें ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
जीबीयू के स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज एंड एप्लाइड साइंसेज में वन मिलियन फॉर वन बिलियन (1M1B) की पहल और माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से स्थापित सेंटर का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने श्रमिक आंदोलनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय कुछ संगठनों ने कंपनियों में लाल झंडे लगाकर आंदोलन और मांगों के नाम पर औद्योगिक माहौल प्रभावित किया। उनका नारा था कि कंपनी कोई भी हो, लाल झंडा हमारा और मांगें पूरी करो। ऐसे आंदोलनों से औद्योगिक विकास में बाधाएं आईं। कानपुर की लाल इमली कंपनी इसका उदाहरण है।
उन्होंने दिल्ली के ढपली गैंग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की सोच ने देश के विकास को नुकसान पहुंचाया। अब जब भारत की आर्थिक स्थिति और औद्योगिक विकास में सुधार हो रहा है तो फिर से ऐसे तत्व सक्रिय हो रहे हैं। युवाओं का इस्तेमाल अपने हितों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लें। नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने का प्रयास करें।
2017 में 120 थे, अब 20 हजार स्टार्टअप
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में महज 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 20 हजार हो गई है। प्रदेश सरकार युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। नोएडा में आइआइटी कानपुर का सेंटर संचालित है, जहां यूहब बनाने की योजना है। आइआइएम लखनऊ के सेंटर में भी इस दिशा में काम किया जा रहा है। इन पहलों से युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप शुरू करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो चुकी है। प्रदेश आज सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश में हो रहे बदलाव का असर देश के विकास पर भी दिख रहा है। एक समय भारत अर्थव्यवस्था के मामले में 11वें स्थान पर था, लेकिन अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश में हो रहे बदलाव को कुछ लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
कार्यक्रम में जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. चंद्र कुमार सिंह, माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट सीएसआर इंडिया की सीनियर डायरेक्टर मंजू धस्माना और वन मिलियन वन बिलियन के संस्थापक मानव सुबोध मौजूद रहे।
