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एआइ और 5जी का हुनर सीखकर उद्योगों की जरूरत पूरी करेंगे जीबीयू के युवा

एआइ और 5जी का हुनर सीखकर उद्योगों की जरूरत पूरी करेंगे जीबीयू के युवा
  • गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में स्थापित नोकिया सेंटर में आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थी

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग और 5जी जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार के साथ उद्योगों में ऐसे युवाओं की मांग बढ़ रही है, जिन्हें तकनीकी ज्ञान के साथ वास्तविक उपकरणों पर काम करने का अनुभव भी हो। इस जरूरत को पूरा करने के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उद्योगों में उपयोग होने वाली तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहा है। विश्वविद्यालय में स्थापित नोकिया सेंटर फार स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर सकें।

उत्तर प्रदेश के पहले सरकारी विश्वविद्यालय जीबीयू में नोकिया के सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत यह सेंटर स्थापित किया गया है। इसका क्रियान्वयन टेलीकाम सेक्टर स्किल काउंसिल कर रहा है। परियोजना के तहत कुल 720 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 200 विद्यार्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। सेंटर में एआइ, मशीन लर्निंग, फाइव-जी और इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी) जैसी तकनीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीकी उपकरणों पर काम करने और औद्योगिक जरूरतों को समझने में सक्षम बनाना है। इससे टेलीकाम, नेटवर्किंग और एआइ आधारित क्षेत्रों में उनके रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन पाठ्यक्रमों के जरिये तैयार होंगे 720 युवा

परियोजना के तहत तीन प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एआइ एवं मशीन लर्निंग एडवांस्ड पाठ्यक्रम में 210, एआइ एवं मशीन लर्निंग फाउंडेशन पाठ्यक्रम में 210 और फाइव-जी विद आइओटी पाठ्यक्रम में 300 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। विद्यार्थियों को टेलीकाम तकनीशियन, आइओटी डिवाइस एवं सिस्टम और फाइव-जी नेटवर्क से जुड़े प्रोजेक्ट सुपरवाइजर जैसी भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।

अत्याधुनिक लैब में मिल रहा व्यावहारिक अनुभव

विश्वविद्यालय परिसर में सेंटर आफ एक्सीलेंस लैब स्थापित की गई है। इसमें फाइव-जी नेटवर्किंग उपकरण, स्मार्ट आइओटी एग्रीकल्चर मानिटरिंग किट, एनर्जी मानिटरिंग सिस्टम और जरूरी टेस्टिंग टूल उपलब्ध हैं। इनकी मदद से विद्यार्थी तकनीकी अवधारणाओं को समझने के साथ वास्तविक उपकरणों पर प्रयोग भी कर रहे हैं। इससे उन्हें उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और कार्यप्रणाली का अनुभव मिल रहा है।

प्रशिक्षण से पहले ही इंटर्नशिप जैसा अनुभव

प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष के छात्र प्रिंस और कंप्यूटर साइंस के तीसरे वर्ष के छात्र शशांक कुशवाहा ने बताया कि सेंटर में उन्हें टेलीकाम और एआइ से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी मिली है। उनके अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान ही ऐसी व्यावहारिक चीजें सीखने का अवसर मिला, जिन्हें सामान्य तौर पर इंटर्नशिप के दौरान सीखा जाता है। इससे भविष्य में नौकरी हासिल करने में मदद मिलेगी।

उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप हो रही तैयारी

जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने बताया कि एआइ और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए सेंटर की स्थापना की गई है। यहां विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि वे नौकरी मिलने के बाद जल्द ही कार्य की जिम्मेदारियां संभाल सकें और उन्हें अलग से प्रशिक्षण या इंटर्नशिप पर निर्भर न रहना पड़े।