अध्यात्मिकदिल्ली

डिजिटल दौर में बदल रहा रक्षाबंधन, ऑनलाइन राखी भेज रहे भाई-बहन

डिजिटल दौर में बदल रहा रक्षाबंधन, ऑनलाइन राखी भेज रहे भाई-बहन

रवि शर्मा , नई दिल्ली : तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ रक्षाबंधन मनाने का तरीका भी बदल रहा है। एक समय था जब बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने के लिए डाकघर का सहारा लेती थीं, लेकिन अब डिजिटल युग में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। देश ही नहीं, विदेशों में रहने वाले भाई-बहन भी कुछ ही क्लिक में राखी और उपहार एक-दूसरे तक पहुंचा रहे हैं। रक्षाबंधन से पहले ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर राखी, मिठाई और गिफ्ट्स की मांग में तेजी देखी जा रही है। कई लोग अपने व्यस्त जीवन और दूरियों के कारण डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं। ऑनलाइन ऑर्डर की गई राखियां सीधे भाइयों के पते पर पहुंच रही हैं, जिससे त्योहार की खुशियां दूर रहकर भी बरकरार हैं।

डिजिटल पेमेंट और यूपीआई जैसी सुविधाओं ने भी त्योहार की तैयारियों को आसान बना दिया है। अब उपहार खरीदने से लेकर पैसे भेजने तक का काम मोबाइल फोन के जरिए कुछ ही मिनटों में पूरा हो रहा है। कई परिवार वीडियो कॉल के माध्यम से भी रक्षाबंधन मना रहे हैं, जहां बहनें स्क्रीन के जरिए अपने भाइयों को शुभकामनाएं देती हैं और रिश्तों की मिठास साझा करती हैं।

तकनीक ने त्योहारों को मनाने के तरीके में बदलाव जरूर किया है, लेकिन भावनाएं आज भी पहले जैसी हैं। राखी का धागा चाहे हाथों से बांधा जाए या ऑनलाइन भेजा जाए, उसका महत्व भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अपनापन बनाए रखना ही है। बदलते समय के साथ रक्षाबंधन का स्वरूप आधुनिक हुआ है, लेकिन इसकी आत्मा आज भी वही है जो सदियों पहले थी। यही कारण है कि डिजिटल युग में भी यह पर्व रिश्तों को जोड़ने और दूरियों को कम करने का माध्यम बना हुआ है।