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शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व

शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व

रवि शर्मा , नई दिल्ली : भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन को लेकर लोगों में तारीख और मुहूर्त को लेकर काफी उत्सुकता है। पंचांग के अनुसार 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने का सबसे शुभ समय माना गया है। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहेगी और भद्रा का प्रभाव सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, इसलिए सुबह का समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

कब है शुभ मुहूर्त?

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। यह अवधि लगभग 3 घंटे 51 मिनट की होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी समय के दौरान बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना कर सकती हैं।

कैसे करें रक्षाबंधन की पूजा?

रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा की थाली में राखी, रोली, अक्षत (चावल), दीपक, मिठाई और नारियल रखें। सबसे पहले भगवान गणेश और अपने इष्टदेव का स्मरण करें। इसके बाद भाई को उचित स्थान पर बैठाकर उसके माथे पर तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें। आरती उतारने के बाद दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधें और मिठाई खिलाएं। अंत में भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करें। भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेता है।

क्यों खास है रक्षाबंधन?

रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रिश्तों की मिठास और पारिवारिक मूल्यों का उत्सव है। बदलते समय में भले ही भाई-बहन अलग-अलग शहरों या देशों में रहते हों, लेकिन राखी का यह धागा उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़कर रखता है। यही वजह है कि हर साल इस पर्व का इंतजार पूरे देश में उत्साह के साथ किया जाता है। रक्षाबंधन का संदेश केवल रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है। यही कारण है कि यह पर्व भारतीय संस्कृति के सबसे लोकप्रिय और भावनात्मक त्योहारों में गिना जाता है।