शिक्षागौतम बुद्ध नगर

मिशन शक्तिसैट : सरकारी स्कूल की धारणा तोड़, अंतरिक्ष में कदम रखने को तैयार 17 राज्यों की 20 बेटियां

मिशन शक्तिसैट : सरकारी स्कूल की धारणा तोड़, अंतरिक्ष में कदम रखने को तैयार 17 राज्यों की 20 बेटियां
  • जीबीयू में आयोजित नौ दिवसीय मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से 20 बेटियों कर रही हैं प्रतिभाग
  • शक्तिसैट लियो और शक्तिसैट मून को किया जा रहा तैयार, श्रीहरिकोटा और आइ-स्पेस जापान से किया जाएगा प्रक्षेपण

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लेकर समाज में बनी पारंपरिक धारणा को बदलने की दिशा में मिशन शक्तिसैट एक महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया है। कार्यक्रम में देश के 17 राज्यों की 20 छात्राएं हिस्सा ले रही हैं, जो अंतरिक्ष की उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। मिशन शक्तिसैट में शामिल सभी छात्राएं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाली हैं। खास बात यह है कि ये छात्राएं देश के अलग-अलग हिस्सों से आती हैं और कई तरह की सामाजिक एवं भौगोलिक चुनौतियों का सामना करते हुए अब अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

मिशन शक्तिसैट के जरिए छात्राएं यह संदेश भी दे रही हैं कि प्रतिभा संसाधनों या संस्थान की सीमाओं तक सीमित नहीं होती है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं भी अवसर मिलने पर विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखती हैं। इन 20 छात्राओं की कहानी उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। मिशन शक्तिसैट न केवल इन छात्राओं को अंतरिक्ष के करीब ले जा रहा है, बल्कि सरकारी स्कूलों की छवि और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की क्षमताओं को लेकर बनी धारणा को बदलने का काम भी कर रहा है।


कार्यक्रम में शामिल छात्राएं :

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Happy Rakshabandhan

भारत के उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, छत्तीसगढ़, पंजाब, सिक्किम, बंगाल, नागालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र चयनित हुई हैं। यह सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली इन छात्राओं का अंतरिक्ष की ओर बढ़ता कदम सरकारी स्कूलों में प्रतिभा और संभावनाओं को सामने ला रहा है। भारत की बेटियों की टीम को कानपुर निवासी सेवानिवृत्ति विंग कमांडर और न्यूरिजन स्पेस की सीईओ जया तारे कर रही हैं। इनके पास 12 वर्षों तक फ्लाइट उड़ाने का अनुभव हैं। वहीं कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे अन्य 108 देशों की कुल 1200 नारी शक्ति शामिल की गई हैं।