देशफर्रुखाबाद

बोरवेल बना मौत का कुआं, फिर हुआ चमत्कार…जानिए कैसे देवदूत बने बचावकर्मी, मासूम की बची जान

बोरवेल बना मौत का कुआं, फिर हुआ चमत्कार…जानिए कैसे देवदूत बने बचावकर्मी, मासूम की बची जान

सत्यम कटियार, फर्रुखाबाद : नवाबगंज ब्लॉक के ग्राम रसिदाबाद वल्लभ में एक बच्ची के बोरवेल में गिरने की सूचना प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कराया। सूचना मिलते ही एमओआईसी कायमगंज डॉ. विनीत सिंह एवं एमओआई लोकेश शर्मा को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया। साथ ही 108 एम्बुलेंस की तीन गाड़ियां भी मौके पर रवाना की गईं। ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ एक व्यक्ति को बोरवेल में भेजकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्ची की पहचान सौम्या के रूप में हुई।

रेस्क्यू के तत्काल बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.सी. माथुर के नेतृत्व में चिकित्सा टीम द्वारा बच्ची का प्राथमिक परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद 108 एम्बुलेंस के माध्यम से चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में बच्ची को जिला चिकित्सालय लोहिया भेजा गया, जहां उसे तत्काल भर्ती कर आवश्यक उपचार प्रारंभ किया गया। जिला चिकित्सालय लोहिया में सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा के नेतृत्व में डॉ. विवेक सक्सेना एवं अन्य चिकित्सकों द्वारा बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण एवं उपचार किया गया। बच्ची की आवश्यक रक्त जांच तथा सीटी स्कैन तत्काल कराया गया। चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए उसका सुरक्षित एवं समुचित उपचार सुनिश्चित किया गया। वर्तमान में बच्ची सौम्या चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ एवं सुरक्षित है।

सीएमओ की जनपदवासियों से अपील

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि अपने क्षेत्र में स्थित अनुपयोगी बोरवेल, कुएं एवं अन्य खुले गड्ढों को तत्काल सुरक्षित रूप से बंद रखें और उन्हें खुला न छोड़ें। विशेष रूप से छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक एवं परिवार के सदस्य बच्चों पर लगातार निगाह रखें। सीएमओ ने कहा कि ऐसी घटनाओं में कुछ मिनटों की तत्परता और समन्वित कार्रवाई जीवन बचाने में निर्णायक होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात समस्त चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों को जनता की सेवा के लिए तत्पर एवं उपलब्ध रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है सावधानी रखें, खुले बोरवेल एवं कुओं को सुरक्षित करें और बच्चों पर लगातार निगाह रखें।