सत्यम कटियार, संवाददाता
फर्रुखाबाद : पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह के नेतृत्व में अपराध के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी, सर्विलांस और कायमगंज कोतवाली व शमसाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर करीब आठ लाख रुपए की हुई लूट की वारदात का खुलासा किया है। त्वरित और सटीक कार्रवाई से गदगद होकर एसपी आरती सिंह ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने लूट की घटना का फतेहगढ़ पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना वाले क्षेत्र के करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला सीसीटीवी कैमरों से मिले सुराग के आधार पर, मुनीम से हुई इस बड़ी लूट के बाद पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछाया।

पुलिस टीम ने कायमगंज क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इन कैमरों की मदद से पुलिस को आरोपियों के भागने के रूट और पहचान से जुड़े बेहद अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया।
6 शातिर गिरफ्तार, लूटी गई रकम और तमंचा बरामद
पुलिस ने मुनीम से हुई लूट के मामले में 06 अभियुक्तों (उत्तम शुक्ला, मिथुन सक्सेना, बॉबी, विकास कश्यप उर्फ विक्की बाथम, अभय सक्सेना और अंग्रेज उर्फ राजकुमार) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लूटे गए 6,70,000 रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल, 07 मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त 315 बोर का एक तमंचा व एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने 27 अगस्त 2026 की शाम को सत्यप्रकाश की गोदाम के गेट के सामने मुनीम पर हमला कर रुपयों से भरी बोरी लूटी थी। गिरफ्तार आरोपियों में से विकास कश्यप का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(2)/317(3) और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
एसपी ने बताया कि घटना में टोबैको कंपनी का एक पूर्व कर्मचारी शामिल था, उसे एग्जिट जानकारी थी कि मुनीम किस समय रुपए लेकर बैंक से जाता था, उसी ने अपने साथियों को लोकेशन दी थी, जिसके बाद बदमाशों ने मुनीम के बाइक की मारकर गिरा दिया ततपश्चात लूट की घटना को अंजाम दिया था।

