डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : मोती नगर के शांति निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब एक बजे एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। मलबे में करीब 40 से 50 बच्चों के दबे होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन की ओर से हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। हादसे के बीच स्थानीय छात्रों, एंबुलेंस कर्मियों और आसपास के लोगों ने भी राहत-बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
बिना बुलाए रेस्क्यू में जुटे छात्र
हादसा होते ही आसपास के पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्र मौके पर पहुंच गए। छात्रों ने बिना किसी इंतजार के राहत-बचाव कार्य में हाथ बंटाना शुरू कर दिया। प्रशासन और आपदा टीम के पहुंचने के बाद भी छात्र मौके पर डटे रहे और बचाव दल का सहयोग करते रहे। छात्रों ने मानव शृंखला बनाकर मलबे से लोगों को बाहर निकालने में मदद की। इसके साथ ही राहत कार्य में जुटे लोगों और पीड़ितों के लिए पानी और खाने की व्यवस्था भी की गई।
मौके पर मौजूद छात्र मोहम्मद अल्तमश ने बताया, “हादसे के बाद हम सभी छात्र खुद आगे आए। मानव शृंखला बनाकर पुलिस और आपदा टीम की मदद की। साथ ही मौके पर पानी और खाने की व्यवस्था भी कराई।”
आठ एंबुलेंस मौके पर, तीन मरीज अस्पताल पहुंचे
हादसे के बाद मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए Blinkit की ओर से भी एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। कंपनी के मुताबिक, घटनास्थल पर आठ एंबुलेंस मौजूद रहीं। इनकी मदद से अब तक तीन मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि चार से पांच लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। एंबुलेंस टीम लगातार पुलिस और राहत-बचाव दल के साथ समन्वय कर जरूरतमंदों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में जुटी रही।
Blinkit की मैनेजर रचना ने बताया कि आपात स्थिति में ग्रॉसरी ऐप के जरिए भी एंबुलेंस बुक की जा सकती है। ऐप में एंबुलेंस का विकल्प चुनकर जरूरी जानकारी भरने के बाद सेवा ली जा सकती है।
प्रशासन की सख्ती के डर से हटाने लगे होर्डिंग-बैनर
हादसे के बाद आसपास के पीजी संचालकों में भी कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की संभावित सख्ती और जांच के डर से कई पीजी संचालकों ने अपने भवनों के बाहर लगे होर्डिंग और बैनर हटाने शुरू कर दिए। कुछ जगहों पर कर्मचारियों को लगाकर प्रचार सामग्री हटाई गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद भवनों की सुरक्षा, निर्माण नियमों और पीजी संचालन से जुड़े मानकों को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की संभावना है। इसी के चलते कई संचालक पहले से ही अपने स्तर पर सावधानी बरतते नजर आए।
हादसे की भयावहता के बीच जहां राहत-बचाव दल लगातार लोगों की जान बचाने में जुटा रहा, वहीं स्थानीय छात्रों, एंबुलेंस कर्मियों और आसपास के लोगों की मदद ने मुश्किल वक्त में सामूहिक सहयोग और इंसानियत की तस्वीर पेश की।

