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PNB करेंसी चेस्ट मामले में NIA का बड़ा एक्शन,17.29 करोड़ के नोट फर्जीवाड़े में फरार बैंक मैनेजर गिरफ्तार

PNB करेंसी चेस्ट मामले में NIA का बड़ा एक्शन,17.29 करोड़ के नोट फर्जीवाड़े में फरार बैंक मैनेजर गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क , लखनऊ: सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक में 17.29 करोड़ के जाली नोट की बरामदगी के मामले में NIA ने बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। NIA ने सहारनपुर के बैंक अधिकारी को लखनऊ से दबोचा, यह मामला शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दर्ज किया था, जिसे 3 सितंबर को एनआईए ने अपने हाथ में लिया था।

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के सहरानपुर में पंजाब नेशनल बैंक की सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपए मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने के मामले में NIA ने एक और बड़ी कार्रवाई की है।NIA ने मामले में फरार चल रहे बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। वह इस मामले में FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है। NIA के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की साजिश में अमित कुमार की अहम भूमिका सामने आई है। यह कार्रवाई RC-02/2026/NIA/LKW मामले में की गई है। NIA ने सोमवार, 7 सितंबर को अमित कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी जारी की। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरी साजिश का खुलासा करने के साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

29 अगस्त को सामने आया था करोड़ों की नकली करेंसी का मामला
NIA के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को पंजाब नेशनल बैंक की सहारनपुर करेंसी चेस्ट से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपए के अंकित मूल्य वाली नकली भारतीय करेंसी बरामद होने की बात सामने आई। मामले की शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।

सदर बाजार थाने में दर्ज हुई थी FIR
मामले में सहारनपुर के सदर बाजार थाने में FIR संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी। यह मुकदमा 29 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इसे अपने हाथ में ले लिया। 3 सितंबर 2026 को NIA ने केस को दोबारा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।

फरार था अमित कुमार
जांच के दौरान अमित कुमार का नाम मामले में प्रमुख आरोपी के तौर पर सामने आया। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। NIA ने उसकी तलाश शुरू की और अब उसे गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, अमित कुमार बैंक कर्मचारी होने के साथ-साथ मामले में FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है।

बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचने की जांच
इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी का बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल है। NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, इसमें बैंक कर्मचारियों की क्या भूमिका थी और इस पूरी साजिश में बाहर के कौन-कौन से लोग शामिल हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों को बैंकिंग सिस्टम में खपाने या असली करेंसी के साथ मिलाने की कोई सुनियोजित कोशिश तो नहीं की गई थी।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जांच जारी
NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। एजेंसी पूरी साजिश का खुलासा करने और अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका के साथ-साथ नकली करेंसी के स्रोत और उसके नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को साजिश की कड़ियां जोड़ने में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।