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बहुचर्चित निठारी कांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में लगाई फांसी

बहुचर्चित निठारी कांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में लगाई फांसी

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर: यूपी के नोएडा में चर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने की खुदकुशी कर ली है। कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दी है। सुरेंद्र कोली का शव उनकी चाय की दुकान में रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला है। साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था।

हरिद्वार: नोएडा के साल 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान के अंदर उसका शव रस्सी के सहारे लटका मिला है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली ने करीब चार दिन पहले ही सड़क किनारे एक छोटी दुकान किराए पर ली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। सुरेंद्र कोली मूलरूप से अल्मोड़ा जिले की भिकियासैंण तहसील के मंगरुखाल गांव का रहने वाला था।

2025 में जेल से बाहर आया था आरोपी

बताया गया कि सुरेंद्र कोली निठारी कांड में सह आरोपी था। मामले में अदालत से बरी होने के बाद वह नवंबर 2025 में जेल से बाहर आया था। रिहाई के बाद वह हरिद्वार आया और कुछ समय देहरादून में भी रहा था। इसके बाद वह हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र में चाय की दुकान लगाने लगा था।

2006 में सामने आया था निठारी कांड

सुरेंद्र कोली का नाम 2006 में नोएडा के चर्चित निठारी कांड मामले के बाद देशभर में चर्चा में आया था। निठारी मे एक मकान के पीछे नाले मे बच्चों के कंकाल और अवशेष मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। उस समय कोली उस घर में नौकर के तौर पर काम करता था। मकान मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर भी इस मामले में आरोपी बनाए गए थे। 11 नवंबर 2025 को कोली के खिलाफ लंबित मामले में पुलिस ठोस सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर पाई थी। जिसके चलते कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था। कोर्ट से बरी किए जाने के बाद सुरेंद्र कोली जेल से रिहा हो गया था।