- धर्म छिपाकर हिंदू युवती बताकर कराई गई थी शादी
- 14 अगस्त को रामपुर के शिव मंदिर में हुई थी शादी, एक माह से तलाश में थी पुलिस
- दो आधार कार्ड, पैन कार्ड और पीली-सफेद धातु के आभूषण बरामद
डिजिटल डेस्क, हरियाणा: युवक से शादी के दो दिन बाद ही जेवर और नकदी लेकर फरार हुई दुल्हन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपित महिला की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मसुरा शेख के रूप में हुई है। आरोप है कि शादी कराने वाले पंडित/शास्त्री ने महिला का धर्म छिपाकर उसे हिंदू युवती के रूप में प्रस्तुत किया था। मामले का कथित मास्टरमाइंड विनोद शास्त्री अभी फरार है। पुलिस ने आरोपित महिला के कब्जे से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और पीली व सफेद धातु के आभूषण बरामद किए हैं। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया।
इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र के लिसड़ी उर्फ भगवतीपुर गांव निवासी विनोद कुमार ने 16 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक, करीब तीन माह पहले उसने शादी के लिए हल्द्वानी निवासी एक पंडित से संपर्क किया था। पंडित ने उसे बताया था कि युवती गरीब परिवार से है और उसके माता-पिता को कुछ आर्थिक सहायता देनी होगी। इसके बाद मंदिर में शादी कराने की बात तय हुई।
14 अगस्त को मंदिर में हुई शादी
विनोद के अनुसार, 14 अगस्त को वह अपनी मां जयवीरी, भाई मनोज और अन्य स्वजन के साथ रामपुर स्थित शिव मंदिर पहुंचा था। वहां पंडित ने सीमा नाम बताई गई युवती से उसकी शादी कराई। शादी के बाद युवती की मां को एक लाख रुपये दिए गए, जबकि पंडित ने शादी कराने के नाम पर 2100 रुपये लिए। इसके बाद विनोद पत्नी को अपने घर ले आया।
विनोद ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी को पहनने के लिए एक जोड़ी पायल, कानों की बालियां, चांदी का हार और सोने का मंगलसूत्र दिया था। आरोप है कि 15 अगस्त की रात करीब दो बजे महिला घर से सभी जेवर लेकर फरार हो गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर महिला और शादी कराने वाले शास्त्री की तलाश शुरू कर दी।
जांच में सामने आया अलग नाम और पहचान
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मसुरा शेख पुत्री सोनू शेख के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि शादी के दौरान महिला की पहचान सीमा पुत्री नाथू लाल, निवासी गोकुल नगर, पंतनगर, उत्तराखंड के रूप में बताई गई थी।
पुलिस अब फरार विनोद शास्त्री की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महिला और शास्त्री ने इस तरह की अन्य शादियों के जरिए किसी और को तो ठगी का शिकार नहीं बनाया है।

