अपराधदिल्ली

छह लाख की ठगी की जांच में खुला कंबोडिया कनेक्शन, डिजिटल अरेस्ट गिरोह के दो जालसाज गिरफ्तार

छह लाख की ठगी की जांच में खुला कंबोडिया कनेक्शन, डिजिटल अरेस्ट गिरोह के दो जालसाज गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच करते हुए दक्षिणी जिला साइबर थाना पुलिस ने कंबोडिया से जुड़े साइबर ठगी गिरोह के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी रितिश कुमार मेहरा और राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी मुकेश कुम्हार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, चार एटीएम व डेबिट कार्ड, पांच चेकबुक और पांच रबर स्टांप बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, एक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किए जाने का डर दिखाकर कार्रवाई से बचाने के नाम पर छह लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने में ई-एफआइआर दर्ज कर बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 50 हजार रुपये भीलवाड़ा के मुकेश कुम्हार के नियंत्रण वाले फेडरल बैंक खाते में पहुंचे, जबकि 5.50 लाख रुपये रितिश मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। वित्तीय ट्रेल के आधार पर पुलिस टीम ने पहले रितिश को कठुआ से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही और आगे की जांच के आधार पर मुकेश को भीलवाड़ा से पकड़ा गया।

एक खाते से 10 राज्यों की शिकायतों का कनेक्शन

पुलिस जांच में मुकेश के बैंक खाते में करीब 50 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। यह खाता देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 10 एनसीआरपी शिकायतों से भी जुड़ा मिला है। इससे पुलिस को आशंका है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और नेटवर्क में आगे पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

कंबोडिया से जुड़े ऑनलाइन संचार के तार

तकनीकी जांच में ठगी के दौरान इस्तेमाल किए गए ऑनलाइन संचार के तार कंबोडिया से जुड़े मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंबोडिया में बैठे लोगों की गिरोह में क्या भूमिका है और भारत में सक्रिय आरोपितों से उनका किस तरह संपर्क था। बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।