देशदिल्ली

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, दिल्ली में सुरक्षा सख्त

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, दिल्ली में सुरक्षा सख्त
  • SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान, दिल्ली पुलिस ने कहा- CJP को कहीं भी धरना-प्रदर्शन की मंजूरी नहीं
  • नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू, सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की 221 कंपनियां तैनात

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीजेपी को राजधानी में कहीं भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी

सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर 100 से 200 मीटर की दूरी पर सुरक्षा अवरोध लगाए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ वज्र वाहन और वाटर कैनन तैनात किए गए हैं। निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।

समय पर आवेदन नहीं देने का हवाला

संयुक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली रेंज) नुपूर प्रसाद के मुताबिक, सीजेपी की ओर से सौरभ दास ने सात अक्टूबर को नई दिल्ली के डीसीपी को पत्र लिखकर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। पुलिस के अनुसार, नियमानुसार प्रदर्शन के लिए करीब 10 दिन पहले आवेदन करना होता है। इसके अलावा, पार्टी पर पूर्व में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने का भी आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, जून में दो दिन के प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 19 दिनों तक वहां डटे रहे। जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान भी नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात कही गई है। इन्हीं कारणों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इस बार अनुमति नहीं दी गई।

आठ दिन में 25 एफआइआर, 35 डिटेंशन सेंटर तैयार

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दो से आठ अक्टूबर के बीच धारा 163 के उल्लंघन के मामलों में विभिन्न थानों में 25 एफआइआर दर्ज की गई हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों को हिरासत में लेकर निर्धारित डिटेंशन सेंटर भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पूरी दिल्ली में 35 डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं।

पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने आठ अक्टूबर से अगले आदेश तक सभी रैंक के अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां रद कर दी हैं। पुलिस ने लोगों से जंतर-मंतर की ओर जाने से बचने और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील की है। लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि बैरिकेड हटाने या कानून हाथ में लेने की कोशिश न करें।

221 कंपनियों के करीब 23 हजार केंद्रीय जवान तैनात

गृह मंत्रालय ने आठ से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इनमें करीब 23 हजार जवान शामिल हैं। इनमें सीआरपीएफ की 85, एसएसबी की 10, आरएएफ की सात, आइटीबीपी की सात और सीआइएसएफ की एक कंपनी शामिल है। इसके अलावा बीएसएफ की कई कंपनियां भी तैनात की गई हैं। दिल्ली पुलिस के 10 से 15 हजार जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।