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दिल्ली में गैर-बीएस-6 वाहनों की नो एंट्री, गुरुग्राम बॉर्डर पर सख्ती

दिल्ली में गैर-बीएस-6 वाहनों की नो एंट्री, गुरुग्राम बॉर्डर पर सख्ती

डिजिटल डेस्क, गुरुग्राम : दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गैर-बीएस-6 वाहनों की नो एंट्री का नियम रविवार से लागू हो गया। इसके साथ ही गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। आधी रात से ही गुरुग्राम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमें मोर्चे पर तैनात हो गईं। पांच प्रमुख बार्डरों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच शुरू कर दी गई। प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। अचानक बढ़ी जांच के कारण कई बार्डरों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई और वाहनों की कतारें लग गईं।

गुरुग्राम-दिल्ली के बीच सरहौल बार्डर (दिल्ली-जयपुर हाईवे), कापसहेड़ा, आया नगर, रजोकरी और बजघेड़ा बार्डर पर गुरुग्राम यातायात पुलिस की पांच विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में भी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा मानेसर के पचगांव के पास नाका लगाकर दूसरे राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों की जांच की जा रही है। ऐसे वाहनों को केएमपी एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। दिल्ली जाने वाले 2020 से पहले के भारी वाहनों को पचगांव में ही रोककर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जा रही है।

बार्डरों पर सघन जांच अभियान के चलते वाहन चालकों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि रविवार को कार्यालय बंद होने के कारण यातायात का दबाव कम रहा और कहीं भी गंभीर जाम की स्थिति नहीं बनी। पुलिसकर्मी वाहनों के पंजीकरण, उत्सर्जन मानक और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की जांच कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक लागू प्रतिबंध के तहत दिल्ली में केवल बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही सभी वाहनों के लिए वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।

सोमवार को बढ़ सकती है परेशानी

सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद बार्डरों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में जांच के कारण जाम की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन का बीएस मानक, पंजीकरण संबंधी दस्तावेज और पीयूसी प्रमाणपत्र जांच लें। प्रतिबंधित श्रेणी के वाहन लेकर बार्डर पर पहुंचने से बचें।