GBU ः मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में भारत समेत 108 देशों की नारी शक्ति तैयार करेंगी दो सेटेलाइट

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  • सात दिवसीय कायर्क्रम में चयनित दो सैटेलाइट को इसरो के श्री हरिकोटा से किया जाएगा प्रक्षेपण
  • नारी शक्ति इसरो के लिए तैयार करेंगी लो अर्थ आर्बिट और शक्ति सैट मून मिशन सेटेलाइट

रवी शर्मा, यूपी हेड

गौतमबुद्ध नगर : गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में आयोजित हो रहे सात दिवसीय मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में भारत समेत 108 देशों की नारी शक्ति इसरो के लिए दो सेटेलाइट बनाएंगी। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अंतरिक्ष ( स्पेस) दिवस के उपलक्ष्य में 24 से 31 अगस्त तक महिला सशक्तिकरण के तहत किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ जीबीयू के फाउंडेशन दिवस के मौके पर किया जाएगा। कार्यक्रम में खास बात यह है कि सैटेलाइट तैयार करने के लिए विश्व में पहली बार सिर्फ नारी शक्ति शामिल की गईं हैं। इसरो के विज्ञानियों के मार्गदर्शन में नारी शक्ति सैटेलाइट तैयार करेंगी। तैयार सैटेलाइट में दो का चयन कर श्री हरिकोटा स्थिति सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण किया जाएगा।

जीबीयू में पहली बार आयोजित हो रहे कार्यक्रम में आइएसटीआरएसी, इसरो के पूर्व डायरेक्टर डा. रामकृष्ण, इसरो यूआरएससी के पूर्व डायरेक्टर व स्ट्रक्चरल टेक्नोलाजी ग्रुप से डा. पी सुब्बा राव, इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग लेबोरेटरी के डायरेक्टर डा. आलोक श्रीवास्तव, इसरो लियोस की पूर्व एसोसिएट डायरेक्टर कल्पना अरविंद, इसरो यूआरएससी के डिप्टी डायरेक्टर डा. राजेंद्र ए, इसरो यूएसआरओ के पूर्व ग्रुप डायरेक्टर एमएस श्रीनिवासन, इसरो यूआरएससी के सेक्शन हेड अंजू दामोदरन, पुनीत कुमार मिश्रा, इसरो यूआरएससी के पूर्व एसोसिएट डायरेक्टर डा. रामनगौडा वी नाडागौडा, इसरो पूर्व सीनियर आउटस्टैंडिग विज्ञानी डा. पीजीवीकेएस प्रकाश राव के नेतृत्व में सैटेलाइट तैयार किए जाएंगे। कार्यक्रम में देश के 17 राज्यों में संचालित सरकारी विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 के बीच के पढ़ाई कर रही 20 छात्राओं को चयनित किया गया है। इनमें से अधिकतर ग्रामीण, आदिवासी और कम सुविधा वाले समुदायों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन्हें साइंस, टेक्नोलाजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स में उनकी रुचि और योग्यता के आधार पर चुना गया है और वे मिशन शक्तिसैट के हिस्से के तौर पर सैटेलाइट टेक्नोलाजी, पेलोड डेवलपमेंट और स्पेस साइंस की गहन ट्रेनिंग लेंगी। डीन रिसर्च एंड प्लानिंग प्रो. एस धनलक्ष्मी और डीन ए प्रो. राजीव वार्ष्णेय जीबीयू की ओर से इसका नेतृत्व करेंगे।

इन राज्यों से 20 छात्राओं को गया चुना :

भारत के गुजरात, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, दिल्ली, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और बंगाल की छात्राओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे अन्य 108 देशों से कुल 216 नारी शक्ति शामिल की गई हैं। प्रत्येक देश से दो विद्यार्थियों को चुना गया है।

भारत- इटली और ईरान समेत यह 108 देश करेंगे प्रतिभाग :

भारत, यूएई, इटली, ईरान, न्यूजीलैंड, केन्या, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको, आस्ट्रेलिया, फिजी, नीदरलैंड, आस्ट्रेरिया, साउथ अफ्रीका, सउदी अरब, श्रीलंका, हंग्री, तुर्की, पोलैंड, फिलपींस, म्यामांर, नामीबिया, नेपाल, जार्डन, अफगानिस्तान, कनाडा, थाईलैंड समेत 108 देश प्रतिभाग करेंगे।

मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में विश्व के 108 देशों की नारी शक्ति दो सैटेलाइट तैयार करेंगी। इसमें भारत के 17 प्रदेशों से 20 छात्राओं को चयनित किया गया है। यह पहला ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें सिर्फ नारी शक्ति केवल प्रतिभाग कर रही हैं।

– प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय