E20 पेट्रोल पर देशभर में बवाल, आज पीएम आवास की ओर मार्च करेंगे अरविंद केजरीवाल, जानिए पूरा विवाद

नई दिल्ली: देश में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे। पार्टी का दावा है कि E20 पेट्रोल के विरोध में 2 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद AAP ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल एक ऐसा ईंधन है, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 के उपयोग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी, किसानों की आय बढ़ेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
E20 पेट्रोल को लेकर विवाद क्यों?
अरविंद केजरीवाल और कई ट्रांसपोर्ट यूनियनों का आरोप है कि E20 पेट्रोल पुराने वाहनों के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं है। उनका कहना है कि इससे कुछ वाहनों में माइलेज कम हो सकता है, इंजन और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है तथा रखरखाव का खर्च बढ़ सकता है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प मिलना चाहिए।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि व्यापक परीक्षणों के बाद E20 को सुरक्षित पाया गया है और इससे वाहनों को असामान्य नुकसान होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
क्या E20 पेट्रोल खतरनाक है?
अब तक ऐसा कोई आधिकारिक वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें E20 पेट्रोल को सभी वाहनों के लिए खतरनाक बताया गया हो। 2023 के बाद लॉन्च हुए अधिकांश E20-कम्पैटिबल वाहनों में इसका उपयोग सुरक्षित माना जाता है।
हालांकि, पुराने वाहनों के मालिकों को अपने वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ही E20 का उपयोग करना चाहिए। यदि वाहन E20 के अनुरूप नहीं है, तो लंबे समय में कुछ पार्ट्स और फ्यूल सिस्टम पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।
गाड़ी पर क्या पड़ सकता है असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वाहन E20 के अनुरूप नहीं है, तो कुछ मामलों में माइलेज में 3 से 7 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके अलावा रबर और प्लास्टिक के कुछ पार्ट्स तथा फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ने की संभावना भी जताई जाती है। हालांकि, इसका प्रभाव वाहन के मॉडल और तकनीक पर निर्भर करता है।
केजरीवाल की प्रमुख मांगें
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
- पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
- E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाए।
- E20 पर हुए सभी वैज्ञानिक अध्ययन और परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।