CJP के प्रवक्ता सौरभ दास की बढ़ीं मुश्किलें, 12 लाख के किराए की कोठी की जांच में जुटी एजेंसियां

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​नई दिल्ली : काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके 12 लाख की किराए की कोठी पर जांच एजेंसियों की निगाह बनी हुई हैं। बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली के सबसे पाश इलाकों में शुमार ग्रेटर कैलाश की एक कोठी इन दिनों देश के राजनीतिक और सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। कारण है सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास का वह ठिकाना। इसका सालाना किराया सुनकर ही आम आदमी के पसीने छूट जाएं। पढ़ाई कर रहे एक छात्र द्वारा सालाना 12 लाख रुपये किराया दे पाना आसान नहीं हो सकता है। इस कहानी को सुलझाने के लिए अब दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई है। बता दें कि ​सौरभ दास ने इसे कई सालों से किराए पर लिया हुआ है, हालांकि हालिया आंदोलनों के बाद से वे खुद यहां नजर नहीं आ रहे हैं। कोठी की देखरेख और साफ-सफाई के लिए उन्होंने कई घरेलू सहायक और सहायिकाओं को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ​एक सामान्य छात्र जीवन से बिल्कुल उलट, इस शाही ठाट-बाट ने हर किसी को हैरान कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो छात्र अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है और जिसे पारिवारिक स्तर पर भी कोई वित्तीय मदद नहीं मिल रही, वह इतना भारी-भरकम खर्च आखिर कैसे वहन कर रहा है?

जानकारी के अनुसार यह मामला तब खुलकर आया है जब एक यूट्यूबर ने इस आलीशान कोठी के बाहर और अंदर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए। यूट्यूबर ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि एक छात्र के पास इतनी महंगी जगह का किराया देने का जरिया क्या है? ​इस वीडियो के वायरल होते ही सौरभ दास ने भी आक्रामक रुख अपनाया। बुधवार शाम उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर आरोप लगाया कि यूट्यूबर ने अवैध तरीके से उनके किराए के मकान में घुसकर वीडियो बनाया है। सौरभ ने इस संबंध में ग्रेटर कैलाश थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को भी दे दी गई। पुलिस का कहना है कि ​भले ही सौरभ दास ने निजता के हनन का मुद्दा उठाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई हो, लेकिन इसके बाद उनकी मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ने वाली है। CJP पर पहले से ही विदेशों से फंडिंग प्राप्त करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ​ऐसे में एक छात्र नेता द्वारा 12 लाख का किराया और घरेलू स्टाफ का भारी-भरकम खर्च उठाने के बाद, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सौरभ दास के आय के स्रोतों की गहराई से जांच में जुट गई हैं।

बैंक खातों की भी हो सकती है जांच ः
सूत्रों के अनुसार अब ​जांच एजेंसियों की नजर सौरभ दास के बैंक खातों, CJP के वित्तीय लेन-देन और संभावित विदेशी स्रोतों पर टिक गई है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सौरभ दास और CJP के अन्य शीर्ष नेताओं की परेशानियां काफी बढ़ सकती हैं। यदि आय के वैध स्रोतों का ब्यौरा नहीं दिया गया, तो यह मामला वित्तीय अनियमितताओं और अवैध विदेशी फंडिंग के तहत एक बड़े कानूनी शिकंजे का रूप ले सकता है। इस कारण इनकी मुश्किलें कम होने के बजाय और भी बढ़ जाएंगी।