शहर की सड़कें बनी समंदर, जिम्मेदारों ने किया सरेंडर

गौतमबुद्ध नगर : बृहस्पतिवार को दिनभर हुई वर्षा के चलते शहर की सड़कें समंदर बन गईं, वहीं जिम्मेदार गायब दिखे। बृहस्पतिवार को सुबह शुरू हुई वर्षा के कारण लोग समय से कार्यालय नहीं पहुंच सके, वहीं बच्चे स्कूल भी नहीं जा सके। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इस कारण और भी लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहर के औद्योगिक क्षेत्रों और सेक्टर की सर्विस रोड पर भी जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा।
शहर के लोगों का आरोप है कि मानसून आने के पहले जिम्मेदार बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन मानसून के शुरू होते ही उनके किए गए दावे सड़कों पर दिखाई देने लगते हैं। सड़कों पर होने वाले जलभराव से कई स्थानों पर धंसने की भी समस्या हो जाती है और ऐसे में आवागमन कर रहे लोग सड़क हादसे का शिकार हो जाते हैं। यही आलम शहर में इस बार भी देखने को मिल रहा है। जिले के सेक्टर 62, 59,44,43,76 के अलावा बिसरख स्थित सीएचसी, थाना और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव होने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शहर के मुख्य द्वार कहे जाने वाले परी चौक गोल चक्कर पर जलजमाव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इसके साथ ही अल्फा एक कमर्शियल गोल चक्कर, नालेज पार्क, जगत फार्म गोलचक्कर, सूरजपुर गोल चक्कर, 130 मीटर रोड़, तिलपता, दादरी के अलावा पुलिस लाइन और किसान चौक पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। यही हाल औद्योगिक क्षेत्र साइट बी में सड़कों पर देखने को मिला। उद्यमियों का आरोप है कि यह समस्या हर वर्षा की हो गई है। जिम्मेदारों से शिकायत किए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।