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अंतरिक्ष से पृथ्वी के तापमान की हो सकेगी निगरानी, आइए जानते हैं कैसे?

अंतरिक्ष से पृथ्वी के तापमान की हो सकेगी निगरानी, आइए जानते हैं कैसे?

जीबीयू में आयोजित मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में भारत समेत आस्ट्रेलिया की छात्राएं तैयार कर रही हैं शक्तिसैट लियो के माल्य पेलोड

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय : अब अंतरिक्ष से पृथ्वी के बढ़ते और गिरते तापमान की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। इसके लिए आस्ट्रेलिया की छात्राएं गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित मिशन शक्तिसैट कार्यक्रम में शक्तिसैट लियो के लिए माल्य पेलोड को तैयार कर रही हैं। बता दें कि जीबीयू में आयोजित नौ दिवसीय मिशन शक्तिसैट कायर्क्रम में भारत समेत 108 देशों में छात्राएं प्रतिभाग कर रही हैं। यह छात्राएं दो सेटेलाइट कर रही हैं। शक्तिसैट लियो और शक्तिसैट मून को तैयार किया जा रहा है। इसमें से शक्तिसैट लियो का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा से किया जाएगा, वहीं शक्तिसैट मून का प्रक्षेपण आइ-स्पेस जापान से किया जाएगा।

इसमें आस्ट्रेलिया की छात्राएं शक्तिसैट लियो के लिए माल्य पेलोड को तैयार कर रही हैं। इसमें थर्मल कैमरे का उपयोग किया गया है। इसकी मदद से अंतरिक्ष से बढ़ते और गिरते तापमान पर नजर रखी जा सकती है। समय रहते समाधान निकाले जा सकेंगे, जिससे जन-जीवन को होने वाली परेशानियों से बचाया जा सकेगा। यह पेलोड शक्तिसैट-लियो के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। कैमरे में खासियत है कि पृथ्वी पर विभिन्न क्षेत्रों में मौसम और तापमान के अचानक बदलावों पर नजर रखेगा। तापमान में होने वाले कारणों और उनके समाधानों को तलाशा जा सकेगा। पेलोड को तैयार करने वाली छात्राएं कटरीना और सना साइट ने बताया कि इस पेलोड में लगाए गए कैमरे में खास तकनीकी का उपयोग किया गया है, जिससे आसानी से पृथ्वी पर होने वाले तापमान के बदलावों पर नजर रख सकेगा। कई देशों में चल रहे युद्ध के कारण अचानक उन देशों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वहां के लोगों को जीवनयापन कर पाना मुश्किल हो रहा है। वहीं कुछ देशों में तापमान गिरने से स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में उन क्षेत्रों में नजर रखने के लिए इस पेलोड को तैयार किया गया है। तापमान कम और ज्यादा के लिए दो स्क्रीन लगाई जाएंगी। इसमें एक हरी और एक सफेद लगाई जाएगी। इन स्क्रीन पर ही स्पेस में तापमान की जानकारी मिलेगी और समय रहते उन स्थानों पर समस्या के समाधान ढूंढ़े जा सकेंगे।