सेवियर ग्रीन आर्क सोसायटी में लगे शिविर में उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मिले 25 मरीज

- ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सेवियर ग्रीन आर्क सोसायटी में 15 दिनों में 200 लोग पड़े बीमार, निवासियों का आरोप दूषित पानी की हो रही है सप्लाई
गौतमबुद्ध नगर । ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सेवियर ग्रीन आर्क सोसायटी में बृहस्पतिवार को लगाए स्वास्थ्य शिविर में 38 लोगों ने जांच कराई। इसमें से 25 लोगों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की समस्या मिली। यह शिविर बिसरख सीएचसी की ओर से लगाया गया। बता दें कि सोसायटी में बीते 15 दिनों से दूषित पानी से करीब 200 लोगों के बीमार पड़ने की समस्या सामने आ चुकी है। बीमार पड़े लोगों में करीब 50 प्रतिशत लोग अब तक ठीक भी हो चुके हैं, वहीं बाकी लोग प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करवा रहे है।
सोसायटी के 11 टावरों में रहने वाले 1640 परिवारों में दहशत है। लोगों ने एओए और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बीमारी पड़ने के बाद अब अधिकांश परिवार आरओ के पानी को भी उबालकर पी रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि जिम्मेदारों से शिकायत किए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो सका और इसी कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चार टावरों से पानी का सैंंपल लिया है। तीन से चार दिन में रिपोर्ट आएगी। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीने से गंगाजल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। बीते 15 दिनों से सोसायटी के वाट्सएप ग्रुपों पर उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार के केस लगातार सामने आने लगे। स्थिति बिगड़ने पर एओए ने पानी के नमूने निजी लैब में भिजवाए। रिपोर्ट में पानी को पीने योग्य नहीं पाया गया। रिपोर्ट में कोलीफार्म और ई.कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली, जो जलजनित बीमारियों का मुख्य कारण माने जाते हैं। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में पानी की टंकी की सफाई नहीं होने के कारण समस्या हुई है। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के शिविर में डा. रश्मि शुक्ला, धर्मेश, लैब तकनीशियन सिंधेश, फार्मासिस्ट तुषार भाटी, आप्टोमेट्री अमित कुमार ने निवासियों की जांच की।
साफ-सफाई और जांच में लापरवाही बरतने का लग रहा है आरोप
सोसायटी निवासी नवल किशोर सिंह ने एओए पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ओवरहेड टैंकों की सफाई और पानी की जांच समय पर नहीं कराई गई। यदि पहले ध्यान दिया जाता तो इतने लोग बीमार नहीं पड़ते। निवासी पवन ने बताया कि घर के सभी सदस्य बीमार हैं। लगातार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। एओए के जनरल सेक्रेटरी गौतम भाटिया का कहना है कि लोगों की शिकायत पर ही पानी की जांच कराई गई थी। रिपोर्ट आने के बाद प्राधिकरण को भी सूचना दी गई है। लोगों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। वर्षा के मौसम में टैंकों की सफाई संभव नहीं है। सितंबर के पहले हफ्ते से सफाई का काम शुरू कराया जाएगा।
—
सेवियर ग्रीन आर्क, हिमालया प्राइड और चेरी काउंटी सोसाइटी के अलावा चार नलकूपों से कुल सात नमूने लेकर जांच के लिए श्रीराम प्रयोगशाला भेजा गया है। मौके पर की गई जांच में क्लोरीन, टीडीएस और टीएस की मात्रा सही पाई गई है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने में 2-3 दिन का समय लग जाएगा।
– राजीव कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक, ग्रेनो प्राधिकरण
—सोसायटी में शिविर लगाकर 38 लोगों की जांच की गई है, इसमें 25 लोगों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द की समस्या मिली है। वहीं चार टावरों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
– डा. सचिंद्र मिश्रा, सीएचसी अधिक्षक, बिसरख