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सत्य निकेतन हादसा : धमाके की आवाज सुन लगा बादल फटा, फिर कमरे में घुसने लगा गाद भरा पानी

सत्य निकेतन हादसा : धमाके की आवाज सुन लगा बादल फटा, फिर कमरे में घुसने लगा गाद भरा पानी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : छुट्टी का दिन था। छात्राएं कमरे में बैठकर आपस में बातें कर रही थीं और शाम को बाहर घूमने जाने की योजना बना रही थीं। तभी अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और बिजली चली गई। कुछ समझ पातीं, इससे पहले कमरे में पत्थर गिरने लगे। दीवार में बने हिस्से से धूल और गाद भरा पानी अंदर आने लगा। छात्राएं घबराकर किसी तरह कमरे से बाहर निकलीं तो चारों तरफ धूल का गुबार था और लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। यह आपबीती उन छात्राओं ने बताई, जो सत्य निकेतन में दो दिन पहले धराशायी हुई इमारत से सटी बिल्डिंग में बने गर्ल्स हास्टल में रहती थीं।

हादसे के बाद तीसरी मंजिल पर रहने वाली तीन छात्राएं रिश्तेदारों के यहां चली गई थीं। मंगलवार को वे अपना सामान लेने वापस पहुंचीं तो हादसे की यादें फिर ताजा हो गईं।

अचानक गिरने लगे पत्थर, कमरे में भरने लगा पानी

गोरखपुर की रहने वाली छात्रा ने बताया कि वह अपनी दोस्त नेहा के साथ कमरे में बैठकर बातचीत कर रही थीं। अचानक तेज आवाज हुई। उन्हें लगा कि शायद बादल फटा है। इसके तुरंत बाद बिजली चली गई और कमरे में पत्थर गिरने लगे। दीवार के एक हिस्से से धूल और गाद भरा पानी अंदर आने लगा। हालात बिगड़ते देख दोनों छात्राएं तुरंत कमरे से बाहर निकलकर नीचे की ओर भागीं। बाहर पहुंचने पर चारों तरफ धूल का गुबार दिखाई दे रहा था। आसपास अफरातफरी का माहौल था और लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। मानसी ने बताया कि हादसे का वह मंजर अभी भी उनके जेहन में है।

असम की रहने वाली ने बताया कि हादसे के समय वह अपने कमरे में लड्डू गोपाल के सामने बैठी थीं। अचानक तेज आवाज हुई और उन्हें लगा कि भूकंप आया है। इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं, कमरे की दीवार का एक हिस्सा गिर गया। उन्होंने तुरंत लड्डू गोपाल को उठाया और साथ वाले कमरे में रहने वाली मानसी और नेहा के साथ नीचे की ओर भागीं। बाहर निकलने के दौरान गेट का सेंट्रल लॉक नहीं खुल रहा था। कई बार प्रयास के बाद आखिरकार गेट खुला, लेकिन बाहर मलबा फैला था। तीनों किसी तरह वहां से बाहर निकलीं।

हादसे के बाद से छात्राओं में भय का माहौल है। मंगलवार को वे हिम्मत जुटाकर अपना सामान लेने पहुंचीं। छात्राओं का कहना है कि हादसे के दौरान जो कुछ देखा, उसे भूल पाना उनके लिए आसान नहीं होगा।