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हिजाब, मनुस्मृति और नशे पर ओवैसी के तीखे बयान, BJP-RSS को भी घेरा

हिजाब, मनुस्मृति और नशे पर ओवैसी के तीखे बयान, BJP-RSS को भी घेरा

रवि शर्मा , पालिटिकल डेस्क:

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कई मुद्दों पर केंद्र और BJP-RSS पर तीखा हमला बोला। हिजाब, मनुस्मृति और युवाओं में बढ़ते नशे के मुद्दे पर दिए गए उनके बयानों ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया।

हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। ओवैसी ने कहा कि किसी धर्म में क्या आवश्यक है, इसका फैसला अदालत या सरकार नहीं कर सकती। उन्होंने हिजाब को लेकर चल रही बहस को धार्मिक अधिकारों से जोड़ते हुए फैसले की आलोचना की।

वहीं मनुस्मृति के मुद्दे पर ओवैसी ने RSS और BJP को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का संविधान अपनाए जाने के समय RSS ने उसका विरोध किया था और मनुस्मृति को प्राथमिकता देने की बात की थी। ओवैसी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और देश को उसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर भी ओवैसी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने सरकारों से नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाकर ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है।

ओवैसी ने अपने पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है और भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला भी देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकती है। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।