डिजिटल डेस्क : कानपुर औद्योगिक नगरी कानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों से लेकर घर-घर तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव को लेकर बाजारों में सजावट और बाल गोपाल के श्रृंगार का सामान खरीदने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।
सनातन धर्म मंदिर: 1960 की परंपरा और आधुनिकता का संगम
कौशलपुरी स्थित प्रसिद्ध सनातन धर्म मंदिर में 1960 से चली आ रही परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी भव्य स्वचालित (ऑटोमैटिक) झांकियां सजाई गई हैं।
पौराणिक एवं आधुनिक प्रसंग: झांकियों में माखन चोरी, रासलीला, कालिया नाग मर्दन, कंस वध और द्रौपदी चीर हरण जैसे पौराणिक दृश्यों का सजीव चित्रण किया गया है।
समसामयिक आकर्षण: इस वर्ष का मुख्य आकर्षण भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और पर्यावरण संरक्षण को दर्शाती झांकी है। इसमें भारत के प्रदूषण रहित हाइड्रोजन ट्रेन चलाने और विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि को झांकी के जरिए जीवंत रूप में पेश किया गया है।
समय सारिणी: मंदिर प्रशासन के अनुसार, स्वचालित झांकियां श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दी गई हैं। जन्माष्टमी की रात 11 बजे से विशेष प्रवचन व संकीर्तन होगा, जिसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्रद्धालु आने वाले 7 दिनों तक प्रतिदिन शाम 6:30 से रात 10:30 बजे तक इन झांकियों का आनंद ले सकेंगे।
जेके मंदिर और इस्कॉन में भव्य आयोजन
जेके मंदिर (राधा कृष्ण मंदिर): मंदिर के प्रबंधक पंकज मिश्रा के अनुसार, जन्माष्टमी पर भगवान को 31 व्यंजनों का दिव्य भोग अर्पित किया जाएगा। पंचामृत (पांच द्रव्यों) से प्रभु का अभिषेक होगा, जिसके बाद भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। मंदिर प्रांगण में भजन संध्या और नाट्य शैली में कृष्ण लीलाओं का मंचन भी होगा।
इस्कॉन मंदिर: कान्हा के स्वागत के लिए विदेशी फूलों से भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। विशेष बधाई गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
सनातन धर्म मंदिर प्रबंध समिति के मंत्री महेश शर्मा और मुख्य पुजारी पंडित शिव कुमार मिश्रा ने सभी श्रद्धालुओं से इन भव्य आयोजनों में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।

