डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: ख्याला थाना क्षेत्र स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के पास से अपहरण किए गए तीन साल के बच्चे को दिल्ली पुलिस ने बिहार के मुंगेर जिले से बरामद कर लिया। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी के माध्यम से करीब एक हजार किमी तक पीछा कर बच्चे को बिहार के असनहा गांव से बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्चे को परिवार के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, बच्चे को अगवा करने वाली महिला की पहचान चुन्नरी देवी (31) के रूप में हुई है। वह मादीपुर में अस्थायी रूप से रह रही थी और मूल रूप से बिहार के बांका जिले की रहने वाली है।
गिरफ्तार महिला ने बताया कि उसकी छह बेटियां हैं और चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण वह दोबारा मां नहीं बन सकती थी। उसने बच्चे को अस्पताल से इस इरादे से उठाया था कि उसे अपने बेटे के रूप में पाल सके।
उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार, 27 अगस्त को दोपहर करीब 12:07 बजे ख्याला थाने में बच्चे के लापता होने की PCR काल मिली थी। शिकायतकर्ता पान कुमार ने बताया कि वह दवा लेने के लिए GGS अस्पताल गई थीं। इसी दौरान उनका तीन वर्षीय बेटा हेमंत पास में खेलते समय अचानक लापता हो गया। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए SHO निरीक्षक विनोद कुमार की निगरानी में ASI देवेंद्र, हेड कांस्टेबल विजय, कांस्टेबल प्रीतम और कांस्टेबल संजू की टीम गठित की गई।
पुलिस ने जीजीएस अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक महिला बच्चे को अपने साथ ले जाती दिखाई दी। पीछा किया तो पता चला कि वह ई-रिक्शा से मादीपुर गांव की ओर गई थी, जिसकी पहचान चुन्नरी देवी के रूप में हुई। महिला मादीपुर में किराए पर रह रही थी, अपहरण के बाद वह अपने पैतृक गांव बिहार जा चुकी थी। पुलिस टीम ने तत्काल तकनीकी सुरागों के आधार पर मुंगेर जिले के असनहा गांव में पहुंचीं, जहां से बच्चे को बरामद करने के साथ महिला को गिरफ्तार कर लिया। बच्चे को सुरक्षित दिल्ली लाकर परिवार को सौंप दिया गया।

