रामप्रकाश श्रीवास्तव, संवाददाता
कानपुर देहात : जिले में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली शिवली नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही राहगीरों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। कस्बा शिवली के मुख्य सड़क मार्ग चौबेपुर-बिधूना के फुटपाथ पर ठेले (रेहड़ी), पटरी दुकानदारों और बेतरतीब खड़े ई-रिक्शों का अवैध कब्जा है, जिससे आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। फुटपाथ घिरे होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं। इससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़क को अतिक्रमण से मुक्त करने को लेकर न तो अधिकारी गंभीर दिखते हैं और न ही नगर पंचायत प्रशासन दिख रहा है।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते फुटपाथ पर अवैध कब्जा गंभीर समस्या बनती जा रही है । देश की प्रधान न्यायालय का आदेश भी नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों के ठेंगे पर रखते हैं । बढ़ती मार्ग दुर्घटनाओं को देखते हुए अभी कुछ ही दिन पूर्व गंभीर स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फुटपाथ पर सुरक्षित चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) और अनुच्छेद 21 के तहत इसे जीवन और आवागमन की स्वतंत्रता का अधिकार माना है तथा सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि फुटपाथों को अतिक्रमण-मुक्त और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। इसके बावजूद जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती।
पुलिस की कार्रवाई नहीं होने से कस्बा शिवली में मुख्य सड़क मार्ग पर ही बस, ई-रिक्शा स्टैंड बना लिया गया। अतिव्यस्त संजय मेडिकल स्टोर से लेकर तारा चंद्र इंटर कॉलेज चौराहे तक ई-रिक्शा मनमाने ढंग से सवारियां भरते हैं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बन जाती हैं। जिस कारण से करीब 7 मीटर चौड़ा मार्ग एक मीटर में ही तब्दील हो जाता है। वहीं सड़कों पर ठेले लगने से यातायात और अधिक प्रभावित हो रहा है। सड़क किनारे वेंडरों का कब्जा रहता है। कई बार अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है।
कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था संभालने हेतु मुख्य चौराहों पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है, लेकिन इसके बावजूद ई-रिक्शा, बसें और ऑटो चालक सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारियों का इंतजार करते रहते हैं। इससे जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी कई बार यातायात व्यवस्था संभालने के बजाय मोबाइल में व्यस्त या आपस में बातचीत करते नजर आते हैं। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जाम की इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
फुटपाथ नहीं होने के कारण पैदल चल रहे लोगो को चार पहिया वाहन चालकों ने बहुत बार ठोकरें मार कर घायल भी किया है। जबकि बाइक व पैदल चल रहे लोगो के बीच तो पूरे दिन तू तू मैं मैं होती रहती है। सड़क पर चलने के लिए कभी कभी तो वाहन चालक व पैदल चल रहे लोगो के बीच जमकर मारपीट भी हो जाती है। मामला इतना गम्भीर हो जाता है कि स्थानीय थाना को आकर समझाना पड़ता है। फुटपाथों पर खाने के ठेले और फल, ठेले वालों का, ई-रिक्शा और बसों का कब्जा हो गया है। कस्बे में खोते जा रहे फुटपाथ बड़ा मुद्दा बन गया है। लोग सड़क के बीचों बीच चलने को मजबूर हैं।
इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्य सड़कों और बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जरूरत पड़ने पर अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जाता है और जुर्माना भी लगाया जाता है। जल्द ही अभियान चलाकर कस्बे को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।

