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बच्चे की पिटाई मामले में प्ले स्कूल को किया गया सील, CM ने कहा दोषियों को नहीं जाएगा छोड़ा

बच्चे की पिटाई मामले में प्ले स्कूल को किया गया सील, CM ने कहा दोषियों को नहीं जाएगा छोड़ा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : मौजपुर स्थित मकूंस किड्स प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ हैवानियत के मामले को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। सीएम के निर्देश पर सोमवार को उत्तर पूर्वी जिला प्रशासन ने डीडीएमए एक्ट में कार्रवाई करते हुए स्कूल को सील कर दिया है। यह डे केयर था, लेकिन स्कूल के नाम से संचालित किया जा रहा था। स्कूल में कक्षाएं बेसमेंट में संचालित थीं। फायरबिग्रेड की एनओसी भी नहीं थी। अवैध बोरवेल लगा हुआ था। आपातकालीन द्वार भी नहीं मिला। वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। सीएम ने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।

बता दें कि मामले में शिक्षा विभाग ने एक कमेटी बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए, जिसमें कमेटी के सदस्यों ने स्कूल का निरीक्षण किया। साथ ही पीड़ित बच्चे के अभिभावकों से बातचीत की। अभिभावकों ने अधिकारियों सवाल किया जो शिक्षिका बच्चे को पीटा करती थी, वह कितनी शिक्षित है। इसपर अधिकारियों ने जवाब दिया कि यह स्कूल नहीं है। यह डेयर केयर था। डे केयर में बच्चों को शिक्षा नहीं दी जाती है, यहां उन्हें बैठना व बात करना सिखाया जाता है। यहां तैनात कर्मचारी शिक्षक नहीं होते हैं, इन्हें बच्चों की देखभाल करने वाला कहा जाता है। उनके लिए नियम नहीं है कि वह कितने शिक्षित होने चाहिए। दोपहर को प्रशासन ने स्कूल का निरीक्षण किया और नियमों के उल्लंघन मिलने पर सील कर दिया। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस, शिक्षा विभाग व प्रशासन काे नोटिस करके जवाब मांगा है।


अभिभावकों ने कोर्ट में दर्ज करवाए बयान :

पीड़ित के पिता ने सोमवार को बच्चे को लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट में बयान दर्ज करवाए। साथ ही कोर्ट को कहा कि स्कूल का सीसीटीवी देखकर रूह कांप रही है। बीते कई माह से बच्चे को स्कूल में पीटा जा रहा था। कुर्सी पर रस्सी से उसकों बांधा जाता था। कुर्सी को लात मारकर गिराया जाता था। तीन माह का वीडियो रिकार्ड भी अभिभावकों ने कोर्ट में पेश किया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फुटेज दिखाने के लिए स्कूल ने उनसे 1500 रुपये की फीस वसूली है। स्कूल में दो कक्षाएं नर्सरी व एलकेजी चलती थी। दोनों की फीस भी अलग-अलग थी।

बच्चे की मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई है :

बच्चे के माता-पिता का कहना है कि 18 अगस्त से बच्चे की हालत बहुत खराब है। बच्चे के कान में सूजन है।आंख के पास चोट है। बच्चा स्कूल का नाम सुनते ही कांपने लगता है।ए,बी,सी,डी सुनाने के लिए कहते हैं तो वह रोता है। घर के शौचालय में भी बच्चा नहीं जा रहा है। मां ने आशंका जताई है कि बच्चे के अंदरुनी अंगों को नुकसान पहुंचाया गया है। शौचालय लेकर जाते हैं, वह रोने लगता है। बच्चा छोटा होने की वजह से वह पूरी बात नहीं बता पा रहा है। सीसीटीवी नहीं होता तो हैवानियत का पता भी नहीं चल पाता। शिक्षिका व आया दोनों ही बच्चे को हर रोज पिटाई कर रहीं थीं।


निदेशक और प्रधानाचार्य समेत तीन को जारी हुआ नोटिस :

जाफराबाद थाना पुलिस ने स्कूल निदेशक सुनीता बंसल, प्रधानाचार्य नीलम, शिक्षिका सिमरन और आया पूजा के खिलाफ मारपीट, पाक्सो प्रताड़ित करने की धारा में केस दर्ज किया हुआ है। आया को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पुलिस ने आया को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है। बाकी तीनों आरोपियों को नोटिस जारी करके जांच में शामिल होने के लिए कहा है।