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GTC मजबूत करेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी जानिए कैसे?

GTC मजबूत करेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी जानिए कैसे?

डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्ध नगर : जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों की शुरुआत के साथ जेवर अब आसमान से जुड़ चुका है। अब इसे जमीन पर भी तेज और बहुस्तरीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में बढ़ने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़क के साथ मेट्रो, नमो भारत और हाईस्पीड रेल जैसे विकल्प दिए जाएंगे। केंद्र सरकार भी एयरपोर्ट को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन के एकीकृत मल्टी-माडल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

एयरपोर्ट के पहले चरण की वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ है, जबकि भविष्य के चरणों में इसे सात करोड़ प्रतिवर्ष से अधिक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) की व्यवस्था की गई है। यमुना क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक सेक्टर, फिल्म सिटी और अन्य परियोजनाओं को भी बेहतर परिवहन नेटवर्क का लाभ मिलेगा। निवेशकों, कर्मचारियों और कारोबारियों की आवाजाही आसान होने से आसपास के बाजारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ने के साथ यात्रियों के लिए केवल उड़ानों की उपलब्धता नहीं, बल्कि एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय, किराया और परिवहन के विकल्प भी महत्वपूर्ण होंगे। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिक शहरों से सीधे या कम इंटरचेंज वाली कनेक्टिविटी मिलने पर जेवर एयरपोर्ट का कैचमेंट क्षेत्र बढ़ सकता है।

नेटवर्क में करीब 72.44 किलोमीटर लंबे कारिडोर से गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। GTC को एयरपोर्ट के विभिन्न परिवहन साधनों के बीच इंटरचेंज के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके जरिए बस, टैक्सी और निजी वाहनों के साथ भविष्य की रेल व मेट्रो कनेक्टिविटी को एक स्थान पर लाने की तैयारी है। इससे विमान से उतरने के बाद यात्रियों को दूसरे साधन के लिए एयरपोर्ट से दूर जाने की जरूरत कम होगी। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कारिडोर में शामिल है। जेवर एयरपोर्ट को इस कारिडोर के प्रमुख स्टेशनों में शामिल किए जाने की योजना है।

यमुना क्षेत्र में विकसित होने वाले प्रमुख औद्योगिक, व्यावसायिक और मनोरंजन केंद्रों के बीच छोटी दूरी की तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। नालेज पार्क- दो से जेवर तक मेट्रो लाइन की योजना पर पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। यह कनेक्टिविटी जमीन पर उतरने पर एयरपोर्ट को एनसीआर के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, पार्किंग, रिटेल और अन्य सेवा क्षेत्रों की मांग बढ़ेगी। एयरपोर्ट के आसपास कार्गो और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां बढ़ने से वेयरहाउसिंग, परिवहन और सप्लाई-चेन क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।