NEET-UG पेपर लीक : CBI चार्जशीट में बड़े खुलासे, होटल मीटिंग से सोसायटी ऐप तक डिजिटल सबूतों से साजिश का दावा

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  • 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, NTA के तीन विषय विशेषज्ञों पर गोपनीय प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियों का भी उल्लेख

रवी शर्मा, ASK NEWS INDIA । NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट में कथित पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे किए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और बहु-राज्यीय आपराधिक साजिश थी, जिसमें डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ा गया है।

चार्जशीट के अनुसार, NTA के पैनल से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों पर गोपनीय प्रश्नपत्रों को कथित रूप से अवैध तरीके से बाहर पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। CBI का दावा है कि आरोपियों ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया और बाद में होटल के कमरों में प्रश्नों का पुनर्निर्माण कर उन्हें बिचौलियों के जरिए चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। जांच में पुणे की एक आवासीय सोसायटी के एक्सेस कंट्रोल (गेट कंट्रोल) ऐप का डेटा भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है। CBI के मुताबिक, इस ऐप से आरोपियों की आवाजाही, मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड का मिलान कर घटनाक्रम की पुष्टि की गई। डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट को चार्जशीट का अहम आधार बनाया गया है।

सुरक्षा खामियों का लाभा उठाकर प्रश्नपत्र बाहर ले जाए गए

चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि NTA की गोपनीय शाखा में पर्याप्त फ्रिस्किंग (तलाशी) और समर्पित CCTV निगरानी की कमी जैसी सुरक्षा खामियों का लाभ उठाकर प्रश्नपत्र बाहर ले जाए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि इन कमियों ने कथित साजिश को अंजाम देने में मदद की। CBI इस मामले में अब तक 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें विषय विशेषज्ञ, कथित बिचौलिए, कोचिंग से जुड़े लोग और लाभार्थी अभ्यर्थी शामिल हैं। अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आगे की जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

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