रांची में विधानसभा घेराव से पहले प्रशासन अलर्ट, 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू

छात्रों के मार्च को देखते हुए नए विधानसभा परिसर के आसपास धरना-प्रदर्शन पर रोक, प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने की अपील की
रवि शर्मा, रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। प्रशासन के आदेश के तहत विधानसभा परिसर के आसपास धरना, प्रदर्शन और अन्य प्रकार की सभाओं पर रोक रहेगी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है।
छात्रों को प्रशासन की चेतावनी :
जिला प्रशासन ने आंदोलन में शामिल छात्रों से शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने या हिंसक अथवा गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की ओर से छात्रों को यह भी आगाह किया गया है कि किसी भी आपराधिक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने से उनके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है, जिसका असर उनके भविष्य और करियर पर पड़ सकता है।
सरकार और छात्रों के बीच नहीं बनी सहमति :
छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन कुछ प्रमुख मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है। छात्रों की ओर से मामले की सीबीआई जांच समेत अन्य मांगें उठाई जा रही हैं।
विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई :
10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। विधानसभा परिसर की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में हिंसा या अव्यवस्था की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला प्रशासन ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से रखें।