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गोहाना महिला मेडिकल कालेज : दो प्रशिक्षु डाक्टरों से छेड़छाड़ के विरोध में छात्राओं ने दिया धरना

गोहाना महिला मेडिकल कालेज : दो प्रशिक्षु डाक्टरों से छेड़छाड़ के विरोध में छात्राओं ने दिया धरना

डिजिटल डेस्क, ,हरियाणा : गोहाना के खानपुर कलां गांव स्थित भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कालेज में दो महिला प्रशिक्षु डाक्टरों से छेड़छाड़ के विरोध में छात्राओं ने विरोध में धरना दिया। बता दें कि मेडिकल कालेज में ही कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले श्रमिक ने दोनों डाक्टरों से छेड़छाड़ की थी। शुरुआत में कालेज प्रशासन की तरफ से सहयोग व संतोषजनक कार्रवाई न किए जाने पर छात्राओं में विरोध बढ़ गया। छात्राएं सुरक्षा प्रबंधों को लेकर मंगलवार सुबह धरने पर बैठ गई और विस्तार से मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र दिए जाने पर अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिए, लेकिन लिखित आश्वासन न मिलने पर मंगलवार को छात्राओं का गुस्सा बढ़ गया और कालेज के निदेशक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं। शाम को डायरेक्टर के आश्वासन देने के बाद छात्राओं ने धरना खत्म किया।

बता दें कि 15 अगस्त की रात को MBBS प्रशिक्षु डाक्टर ड्यूटी के बाद हास्टल की तरफ जा रही थी। इस दौरान रास्ते में युवक ने उनसे छेड़छाड़ की। डाक्टर के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग गया। 30 मिनट के बाद उसी रास्ते से दूसरी प्रशिक्षु चिकित्सक लाइब्रेरी से हास्टल जा रही थी। उसके साथ भी उसी युवक ने छेड़छाड़ की। शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया। दोनों ने हास्टल में रह अन्य प्रशिक्षु चिकित्सकों व छात्राओं को घटना के बारे में बताया। रात को ही भावी चिकित्सक एकत्रित होकर मेडिकल कालेज में निदेशक के आवास पर पहुंची, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद MS से मिलीं, लेकिन ठोस जवाब नहीं मिला। इससे छात्राओं में गुस्सा बढ़ता चला गया। पुलिस से संपर्क किया तो कुछ समय बाद दुर्गा शक्ति की टीम पहुंची। शिकायत पर महिला थाना खानपुर कलां में केस दर्ज करके पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के लिए बता दें कि दूसरी घटना के समय नजदीक में मौजूद एक सुरक्षा गार्ड वहां पहुंचा, लेकिन आरोपित भाग निकला। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने बाइक पर परिसर का चक्कर लगाया, लेकिन आरोपी नहीं मिला। हास्टलों के आगे और पीछे CCTV लगे हैं, जहां से घटनास्थल कवर हो रहा था। ACP देवेंद्र ने बताया कि आरोपी श्रमिक भवन निर्माण का काम करता था और चार महीने से वहीं रहता था। शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया। आरोपी उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी दीपक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।

इस तरह घटना को दिया गया था अंजाम

एक महिला प्रशिक्षु चिकित्सक ड्यूटी के बाद हाथ में चाय का कप लिए हास्टल लौट रही थी। हास्टल परिसर के पास पीछे से एक युवक आया और उसके चेहरे पर हाथ रखा। हाथापाई के दौरान युवक ने उसकी गर्दन पर खरोंच भी मारी। हाथ से चाय का कप और चश्मा जमीन पर गिर गया था। शोर मचाने पर आरोपित भाग गया। दूसरी महिला प्रशिक्षु चिकित्सक लाइब्रेरी से लौट रही थी। वह आनंदी बाई हास्टल व इंटर्न हास्टल के बीच पहुंची तो युवक उसके पास आया और कहा कि उसे भूख लगी है और उसने खाने की मांग की। जब उसने उसे खाना देने की कोशिश की तो उसने प्राइवेट पार्ट को छुआ और वहां से भाग गया।

इन मांगों को लेकर धरने पर बैठी छात्राएं

हास्टल, अस्पताल, लाइब्रेरी और कालेज परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। 24 घंटे चालू रहें सुरक्षा लाइट और सीसीटीवी रात्रि ड्यूटी के दौरान महिला चिकित्सकों को अस्पताल से हास्टल या लाइब्रेरी तक सुरक्षा गार्ड की एस्कार्ट सुविधा दी जाए। विटा बूथ पर चेक पोस्ट और प्रवेश की निगरानी हो। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा गार्डों तैनाती और हाई रिजाल्यूशन नाइट विजन कैमरे लगाए जाएं। हथियारों की जांच, धूमपान पर रोक और आत्मरक्षा प्रशिक्षण की मांग। सुरक्षा गार्डों का पुलिस सत्यापन कराने के साथ उनकी संख्या बढ़ाई जाए। आरएचटीसी जुआ में भी सुरक्षा बढ़ाने की मांग। लगातार अधिक समय तक ड्यूटी न लगाई जाए। नर्सिंग व सपोर्ट स्टाफ के व्यवहार में सुधार होना चाहिए। सभी वार्डों में महिला डाक्टरों व इंटर्न के लिए अलग ड्यूटी रूम, साफ शौचालय, पेयजल और रात के समय भोजन की सुविधा मिले। मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा जांच बढ़ाने के साथ बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगे। हर कर्मचारी के लिए आइडी कार्ड अनिवार्य हो।

कैंपस परिसर में छेड़छाड़ ने सुरक्षा पर उठाए सवाल

रविवार को सुरक्षा के लिए 18 मांगों को लेकर मांगपत्र दिया गया, लेकिन अधिकारियों की तरफ से मौखिक आश्वासन ही मिला। छात्राओं ने कैंपस परिसर में ही छेड़छाड़ को सुरक्षा के लिए गंभीर बताया। इस पर छात्राओं में गुस्सा बढ़ा और लिखित आश्वासन व निर्धारित समय में मांगें पूरा करने की मांग की। मंगलवार तक जब उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो उन्होंने डायरेक्टर के कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। शाम को मेडिकल कालेज के निदेशक और मुख्यालय के उच्च अधिकारियों से आनलाइन बातचीत होने के बाद छात्राओं ने धरना खत्म हुआ।


कैंपस काफी बड़ा है। कालेज प्रशासन ने सरकार से 80 सुरक्षा कर्मी लगाने की मांग कर रखी है। सरकार से अनुमति मिलने के बाद सुरक्षा कर्मी बढ़ाए जाएंगे। छात्राओं की मांगों को गंभीरता से पूरा किया जाएगा।

  • डा. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, मेडिकल कालेज