डिजिटल डेस्क, डिजिटल डेस्क : प्राधिकरण की टीम पर डीजल डालकर जलाने के प्रयास वाले हाईप्रोफाइल मामले में आखिरकार प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। कानूनी अड़चन हटते ही शुक्रवार को सेक्टर-104, हाजीपुर के खसरा नंबर-412 में करीब 7,950 वर्गमीटर जमीन पर बने अवैध 5 मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई भूलेख विभाग की OSD हर्षिता तिवारी, OSD इंदु प्रकाश सिंह, महाप्रबंधक (सिविल) अशोक कुमार अरोड़ा और वर्क सर्कल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित कुमार के नेतृत्व में हुई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया।
इसी इमारत में मैनेजर को जिंदा जलाने की कोशिश हुई थी
यह वही इमारत है, जहां कुछ महीने पहले निर्माण रोकने गई प्राधिकरण की टीम के साथ भूमाफियाओं ने टकराव किया था। आरोप है कि वर्क सर्कल-8 के मैनेजर दीपक कुमार को इमारत के अंदर खींचकर उन पर डीजल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। इस मामले में प्राधिकरण ने भूमाफिया के खिलाफ थाना सेक्टर-39 में FIR भी दर्ज कराई थी।
2002 में अधिग्रहण, 2023 में अवैध निर्माण
प्राधिकरण के मुताबिक यह जमीन साल 2002 में ही नियमानुसार अधिग्रहित हो चुकी थी। बावजूद इसके 2023 में निश्याम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने यहां 5 मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू कर दिया।
जब प्राधिकरण ने कार्रवाई की कोशिश की तो बिल्डरों ने 12 अप्रैल 2023 को गौतमबुद्धनगर की अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से एक-पक्षीय स्थगनादेश (स्टे) ले लिया। इस स्टे के कारण पिछले 3 साल से प्राधिकरण का हाथ बंधा हुआ था।
हाल ही में अदालत ने बिल्डरों के दावों को निराधार मानते हुए स्टे को खारिज कर दिया। इसके बाद प्राधिकरण को कार्रवाई का रास्ता मिला।
CEO के सख्त निर्देश
OSD इंदु प्रकाश सिंह ने बताया, “CEO कृष्णा करुणेश ने अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हाजीपुर का मामला इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।” प्राधिकरण का कहना है कि अब इस जमीन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए बाउंड्रीवॉल कराई जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

