डिजिटल डेस्क, रेवाड़ी : बैंकिंग क्षेत्र की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सरकारी बैंकों में हड़ताल जैसा माहौल रहा। जिले की करीब 200 सरकारी बैंक शाखाओं के 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी महाराणा प्रताप चौक पर एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
धरने के बाद कर्मचारियों ने शहर के मुख्य बाजारों में जुलूस निकालते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बैंकों में कामकाज प्रभावित होने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
6 बड़े बैंकों के कर्मचारी रहे शामिल
प्रदर्शन में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत प्रमुख राष्ट्रीयकृत एवं वाणिज्यिक बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
क्या है कर्मचारियों की मांगें?
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं –
1. सभी बैंकों में पर्याप्त स्टाफ की भर्ती की जाए।
2. 5 दिन का वर्किंग डे लागू किया जाए।
3. पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
4. बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
यूनियन ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेता सतीश बटला, SBI ऑफिसर्स यूनियन के क्षेत्रीय प्रधान विनोद यादव और SBI वर्कमैन एसोसिएशन के अविनाश यादव ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। सरकार लगातार अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हमारा विरोध जारी रहेगा।”

