डिजिटल डेस्क, शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर के खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव स्थित शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर शवों को जला देने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर हुई इस घटना से इलाके में दहशत है। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों मंदिर में ही रहते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या के बाद सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। सुबह मंदिर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां दोनों के बुरी तरह जले शव मिले। हत्यारों ने हत्या के बाद मंदिर परिसर में ही लकड़ी की चिता बनाकर दोनों शवों को जला दिया। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गांव वालों ने मंदिर से धुआं उठता देखा तो मौके पर पहुंचे। तब एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे का शव जलकर कंकाल बन चुका था। दोनों शव 10 मीटर की दूरी पर पड़े थे। पुलिस मौके पर है, एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे भी पंहुची। इसके बाद एसपी सौरभ दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। एक युवक को हिरासत में लिया गया। शुरुआती जांच मुताबिक, यह पूरा मामला मंदिर की जमीन से जुड़े आपसी विवाद का है। जमीन के इसी झगड़े की वजह से इस दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया गया है।
जानकारी के अनुसार दोनों साधु मंदिर परिसर में रहकर पूजा-पाठ और उसकी देखभाल करते थे। घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले में मंदिर की जमीन या परिसर पर कब्जे को लेकर विवाद की बात प्रारंभिक जांच में सामने आई है। मंदिर के संरक्षक की तहरीर के आधार पर सुमित सिंह नाम के युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि दोनों साधुओं की मौत आग में झुलसने से हुई या इससे पहले उनके साथ कोई दूसरी घटना हुई थी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और घटना के पीछे की वास्तविक वजह तथा दोनों साधुओं की मौत की परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
20 साल से मंदिर में रह रहे थे
गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले साधु गोपाल दास कथावाचक थे। वह करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे और बिहारी दास हमारे ही गांव के रहने वाले थे। पहले बिहारी दास सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने। इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे थे।
